अलविदा तो कहा था तुम्हें…

प्रो.स्वप्निल व्यास
इंदौर(मध्यप्रदेश)
****************************************************
तुम याद मुझे बहुत आते हो,
हर पल हर क्षण आते हो।

पानी मेरी आँखों का सूखता नहीं,
तुम समुन्दर लिये लौट आते हो।

सोचता हूँ भूल जाऊँ तुम्हें,
पर तुम आज बनकर फिर करीब आते हो।

कहते हैं..सब अब तुम इस दुनिया में नहीं हो,
पर मुझे तो तुम हर पल यहीं नजर आते हो।

आज भी नींद से हड़बड़ाकर उठता हूँ,
हो तुम सपनों में..पर तुम्हें घर में हर जगह ढूँढता हूँ।

अलविदा तो कहा था तुम्हें,पर हर बार भूल जाता हूँ,
बार-बार दरवाजे पर जाकर आवाज लगाता हूँ।

कहते हैं जो चला जाता है,उसे याद नहीं करते,
पर यह भी तो सच है..अपने कभी नहीं मरतेll

परिचय-प्रो.स्वप्निल व्यास का निवास इंदौर में ही है। आपकी जन्मतिथि ३ जुलाई १९८४ तथा जन्म स्थान-इंदौर है।  मध्यप्रदेश राज्य के इंदौर वासी प्रो.स्वप्निल व्यास ने वाणिज्य में स्नातक पश्चात पत्रकारिता में भी स्नातक-स्नातकोत्तर उपाधि हासिल करने के साथ ही पीजीडीबीए,एमबीए,समाज कार्य विषय में एवं लोक प्रशासन में स्नातकोत्तर कर लिया है। आपका कार्य एक निजी महाविद्यालय में सहायक प्राध्यापक का है। सामाजिक गतिविधि-के अंतर्गत सामुदायिक परामर्शदाता का कार्य भी करते हैं। आपकी लेखन विधा-लेख और कविता है,जबकि प्रेरणा पुंज-माता-पिता हैं। स्वप्निल जी के लेखन का उद्देश्य-जागृति,संवाद के लिए स्वतन्त्र लेखन करते रहना है।

Hits: 14

आपकी प्रतिक्रिया दें.