आनंद भयो

प्रवीण शर्मा
रतलाम (मध्यप्रदेश)
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ताल नगरी, 
हर्षोल्ल्लास में 
आनंद भयो।
 
आलोट राजा,
शंकर सवारी है 
मन मुस्कायो।
 
चंहु ओर है,
आई खुशियां सारी
कृष्ण मुरारी।
 
मंडप सजे, 
घर-घर के द्वार
झूले झुलैय्या।
 
माखन चोर, 
कान्हा नहीं पकड़े
यशोदा मैया।
 
राधा संग है, 
नन्द बाबा के घर 
गोपाला कान्हाl 
 
बृज की छोरी, 
राधिका मन्द-मन्द 
रही मुस्काए।
 
दया के सागर, 
श्री कृष्ण अवतार
 भू बोल उठी।
 
दही की हांडी, 
त्रिभुजाकार बनी 
आला आला है।
 
ठल ठिठोली,
बनकर सबने 
मटकी फोड़ी।
 
दही की वर्षा, 
छनकती रही 
बोले गोविन्दा।
 
`प्रवीण` देख 
अजीब निराला है 
बोल आला है।
परिचय- प्रवीण शर्मा का जन्म स्थान बोरदिया और जन्मतिथि २३  सितम्बर १९७६ है। वर्तमान में जिला रतलाम (मध्यप्रदेश)पुलिस थाने के पीछे ताल तहसील में रहते हैं,जबकि स्थाई पता रतनगढ़(जिला नीमच)है। ताल निवासी श्री शर्मा ने बी.एस-सी.,एम.ए.(राजनीति-हिंदी) सहित डी.एड. की शिक्षा प्राप्त की है। कार्यक्षेत्र में आप अध्यापक हैं। सामाजिक गतिविधि के तहत आप सेवा कार्य भी करते हैं। आपकी लेखन विधा ग़ज़ल है। ब्लॉग पर भी अपनी बात रखते रहते हैं। इनकी विशेष उपलब्धि-एनसीसी है। पी.एस.ताल यानी श्री शर्मा की लेखनी का उद्देश्य-सामाजिक बुराइयों पर कटाक्ष और सृजनामकता है।

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