आरक्षण गुरुजी

संजयसिंह राजपूत
दादर(उत्तर प्रदेश)

*********************************************************

नहीं पढ़ेंगे,नहीं पढ़ेंगे,
पिताजी हम नहीं पढ़ेंगे।
पढ़ने का क्या फायदा,
पिताजी हमें समझाओ न।
पढ़-लिखकर तुम बनो महान,
देश का होगा ऊंचा नाम।
आरक्षण गुरुजी आए हैं,
हमको ये बतलाए हैं।
पढ़ना-लिखना है बेकार,
आरक्षण देव सब करेंगे साकार।
नौकरी न दें,किसकी हिम्मत,
बेटा अब समझ में आई बात।
मेहनत करता हूं,मैं दिन-रात,
आरक्षण भक्त का होता विकास।
हे धरती के शिक्षित इंसान,
आरक्षण का करो तिरस्कार।
शिक्षा की हो जय-जयकार,
सड़कों पर न घूमे शिक्षित बेरोजगार।
शिक्षा है अनमोल खजाना,
नई पीढ़ी को है हमें बताना।
नई पीढ़ी को दो अनमोल ज्ञान,
सबका हो आदर-सम्मान।
शिक्षा को दो जीवनदान,
तभी बनेगा,मेरा भारत महान॥

परिचय: संजयसिंह राजपूत की जन्मतिथि-१० जून १९९० और जन्म स्थान-दादर है। आप वर्तमान में ग्राम-दादर(तहसील-सिकंदरपुर,बलिया)में ही बसे हुए हैं। उत्तर प्रदेश से नाता रखने वाले श्री सिंह की शिक्षा-एम.ए. (हिंदी) है। आप कार्यक्षेत्र में शिक्षक होने के साथ ही सामाजिक क्षेत्र में महावीर धाम सोसायटी(दादर)से जुड़कर सक्रिय हैं। लेखन विधा में कविता,लेख और कहानी लिखते हैं। ब्लॉग पर भी लेखन में सक्रिय श्री राजपूत के लेखन का उद्देश्य-सामाजिक बदलाव लाना है।

Hits: 16

आपकी प्रतिक्रिया दें.