इन्सान बनाए कौन ?

संजयसिंह राजपूत
दादर(उत्तर प्रदेश)

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डूब गए आधुनिकता में,नैतिकता का पाठ पढ़ाए कौन,
बन रहा वीडियो घायल का,अस्पताल लेकर जाए कौन।
मानव बना तराजू अब हर रिश्ते को,पहले तौलता है,
ठीक नहीं यह आदत उसकी,भला उसको बतलाए कौन।
बनना चाहते हैं हैवान तो,फिर इन्सान बनाए कौन ?
ज्ञानी थे जो उनका पहले राजा भी सम्मान किया करते थे,
सुन ज्ञानी की बातें मानव क्या देवता भी आहें भरते थे।
पर आज यह सब ज्ञान की बातें लोगों को समझाए कौन,
प्रेम,एकता,अखंडता,मानवता की बातें बतलाए कौन।
बनना चाहते हैं हैवान…?

पश्चिमी सभ्यता को स्वीकार करने की होड़ लग गई,

भारत जैसे संस्कारी देश में अश्लीलता का मान बढ़ गया।
जन्मों का वादा कर उम्र के आखिरी पड़ाव पर छोड़ दिया।
ऐसी नंगी संस्कृति से भारत की संस्कृति बचाए कौन,
बनना चाहते हैं हैवान…?

आधुनिक संगीत के युग में कृष्ण भजन अब गाए कौन,
बाबा-मौलवी बलात्कारी हो गए धर्म का पाठ पढ़ाए कौन।

राजनीति भी हो रही अब जाति-धर्म के आधार पर,
जुम्मन और तिवारी जी की दोस्ती की कहानी सुनाए कौन।
बनना चाहते हैं हैवान,तो फिर इन्सान बनाए कौन ?
परिचय: संजयसिंह राजपूत की जन्मतिथि-१० जून १९९० और जन्म स्थान-दादर है। आप वर्तमान में ग्राम-दादर(तहसील-सिकंदरपुर,बलिया)में ही बसे हुए हैं। उत्तर प्रदेश से नाता रखने वाले श्री सिंह की शिक्षा-एम.ए. (हिंदी) है। आप कार्यक्षेत्र में शिक्षक होने के साथ ही सामाजिक क्षेत्र में महावीर धाम सोसायटी(दादर)से जुड़कर सक्रिय हैं। लेखन विधा में कविता,लेख और कहानी लिखते हैं। ब्लॉग पर भी लेखन में सक्रिय श्री राजपूत के लेखन का उद्देश्य-सामाजिक बदलाव लाना है। 

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