उच्च रक्तचाप

विजयसिंह चौहान
इन्दौर(मध्यप्रदेश)
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थके-माँदे तनसुखलाल जी,आज फूले नहीं समा रहे। फूल के कुप्पा होने का कारण,तीन करोड़ लोगों में शामिल होना जो है। विश्व हृदय दिवस पर आयोजित सभा में जब ये मालूम चला कि हमारे देश में उच्च रक्तचाप से ग्रसित ३ करोड़ लोग है यह जानकर तनसुखलाल जी का रक्तचाप ज्वार भाटे की तरह कुलांचे भरने लगा,उनके दिल ने सुकून की सांस ली। हृदय दिवस पर मंथन चल ही रहा था कि तभी डॉ. साहब ने सुझाव दिया कि,उच्च रक्तचाप से बचने के लिए मानसिक तनाव कम करें,ताजे फल और सूखे मेवे ज्यादा-से-ज्यादा खाएं और स्वस्थ रहें।
इन प्यारी-प्यारी बातों के बीच तनसुखलाल जी भरी सभा में मानों ख्यालों में गोते लगाने लगे….उनके मन-मस्तिष्क में भैय्यू की पढ़ाई,मेघा की शादी की चिंता मुंह बाएं खड़ी थी। दूध,किराना, बिजली के बिल खत्म होने का नाम ही नहीं लेते। आमदनी अठन्नी और खर्चा रुपइया। इतने खर्चे….के बाद ताजे फल,सूखे मेवे के बढ़ते दाम भी तनाव देने के लिए काफी हैं।
उच्च रक्तचाप पर भाषण सम्पन्न हुआ,और बढ़ी हुई धड़कनों के साथ तनसुखलाल जी चल पड़े…तरकारी खरीदने।
परिचय : विजयसिंह चौहान की जन्मतिथि ५ दिसम्बर १९७० और जन्मस्थान इन्दौर(मध्यप्रदेश) हैl वर्तमान में इन्दौर में ही बसे हुए हैंl इसी शहर से आपने वाणिज्य में स्नातकोत्तर के साथ विधि और पत्रकारिता विषय की पढ़ाई की,तथा वकालात में कार्यक्षेत्र इन्दौर ही हैl श्री चौहान सामाजिक क्षेत्र में गतिविधियों में सक्रिय हैं,तो स्वतंत्र लेखन,सामाजिक जागरूकता,तथा संस्थाओं-वकालात के माध्यम से सेवा भी करते हैंl लेखन में आपकी विधा-काव्य,व्यंग्य,लघुकथा और लेख हैl आपकी उपलब्धि यही है कि,उच्च न्यायालय(इन्दौर) में अभिभाषक के रूप में सतत कार्य तथा स्वतंत्र पत्रकारिता जारी हैl

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