उन्हें चाहना महंगा…

प्रवीण शर्मा
रतलाम (मध्यप्रदेश)
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उन्हें चाहना इतना मंहगा पड़ा है,
उनके हर अक्स को लिखना पड़ा है।
हाल-ए-स्वास्थ्य या कि हाल -ए-दोस्त,
मुझे आज दोनों पर रोना पड़ा है।
मेरे दिल ने चाहा मगर बिन जवाब दिए बिछड़ना,
कि जुर्माना आंखों को भरना पड़ा है।
बढ़ी जब भी स्वार्थी दुनिया में नफरत की बारिश,
इश्क-यारा-मुहब्बत पे सूखा पड़ा है।
मत जाना मेरे दोस्त मुझे छोड़कर,
कुछ बुल-बुल-सी गलतियां हर्जाना पड़ा है।
मुझे हरदम लगा झटका जब उत्तर न दिया,
तो मेरे दुखी मन के प्रश्नों को ताल को भी सुनना पड़ा है॥
परिचय- प्रवीण शर्मा का जन्म स्थान बोरदिया और जन्मतिथि २३  सितम्बर १९७६ है। वर्तमान में जिला रतलाम (मध्यप्रदेश)पुलिस थाने के पीछे ताल तहसील में रहते हैं,जबकि स्थाई पता रतनगढ़(जिला नीमच)है। ताल निवासी श्री शर्मा ने बी.एस-सी.,एम.ए.(राजनीति-हिंदी) सहित डी.एड. की शिक्षा प्राप्त की है। कार्यक्षेत्र में आप अध्यापक हैं। सामाजिक गतिविधि के तहत आप सेवा कार्य भी करते हैं। आपकी लेखन विधा ग़ज़ल है। ब्लॉग पर भी अपनी बात रखते रहते हैं। इनकी विशेष उपलब्धि-एनसीसी है। पी.एस.ताल यानी श्री शर्मा की लेखनी का उद्देश्य-सामाजिक बुराइयों पर कटाक्ष और सृजनामकता है।

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