उसे भी तो याद आ रही होगी

दीपेश पालीवाल ‘गूगल’ 
उदयपुर (राजस्थान)
**************************************************
मेरे कॉलेज के उन लड़कों से वो खूब शर्मा रही होगी,
वो लिख-लिख खत सारे मुहब्बत के मुहब्बत में मुहब्बत से जला रही होगी,
शायद मेरी फिक्र में वो मन ही मन घबरा रही होगी।
दोस्तों उसे भी तो मेरी याद आ रही होगी…॥
दिसम्बर की उन सर्द रातों में जाग-जाग वो तस्वीर मेरी बना रही होगी,
मुझसे दूर रहकर भी खुश है यह कहकर वो दिल अपना बहला रही होगी।
हो सकता है यारों मेरी यादों में वो आंसू बहा रही होगी,
उसे भी तो मेरी याद…॥
कहीं पर देख मेरी तस्वीर वो दिल अपना जला रही होगी,
देख बाजारों बहनों को मेरी वो नजरें उनसे चुरा रही  होगी।
सुन-पढ़ कविता मेरी अखबारों में वो मन्द-मन्द मुस्कुरा रही होगी,
उसे भी तो मेरी याद आ रही होगी…॥

Hits: 23

आपकी प्रतिक्रिया दें.