ऐवेंजर्स :विश्लेषण

इदरीस खत्री
इंदौर(मध्यप्रदेश)
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भाग-२…………………
इस भाग में हम चर्चा करेंगे परम नायकों की। कौन-कौन से नायक इस फ़िल्म में हैं,इसका खुलासा कर देता हूँ,ताकि दर्शक अपने परम अभिनेता को देखने से महरूम न रह जाए।
दोस्तों मार्वल निर्माता कम्पनी ने किस खूबसूरती से सारी फिल्मों में कुछ-न-कुछ सुराग छोड़े हैं,और फिर उनकी तारतम्यता कैसे मिलाई है,यह इन्फिनिटी वार भाग-२ में देखने को मिलेगा।
पहले मार्वल की कुछ चुनिंदा फिल्मों के नाम गिना दूँ,जो आगे काम आएंगे-आयरन मैन,थॉर १,२, इन्क्रेटिबल हल्क,कैप्टन अमेरिका, सिविल वार,ऐवेंजर्स-१-२,आंट मैन,
गार्जियन ऑफ गेलेक्सी,इन्क्रेडिबल स्पाइडर मैन और ब्लेक पैंथर है।
यह मामला शुरू हुआ आयरन मैन २००८ से रॉबर्ट डाउनी जूनियर की फ़िल्म से। दूसरे भाग में जार्विस का निर्माण हुआ,जिसकी खुद सोचने- समझने की शक्ति से रचना की गई। यह एक आयरन मैन का लोहे का खोल था लेकिन फिर तब्दीली करके उसे टोनी स्टार्क के दिमाग से जोड़ दिया गया कि,टोनी जैसा सोचेगा वह टीन का खोल उसके काम में वैसी मदद करेगा। अगर टोनी उस खोल में नहीं है तो भी वह खोल टोनी के दिमाग से ही संचालित होगा।
फिर आए हल्क यानी ब्रूस बैनर (मार्क रफैलो) जिसका गुस्सा ही उसकी ताकत है। हरे रंग का पहाड़ी नुमा शख्स जो ग़ुस्से में आम इंसान से चट्टाननुमा हरा दानव बन जाता है। यह शक्ति भी मूल विलेन थॉनोस से निपटने में कारगर होने वाली है।
 फिर आई फिल्म ‘थॉर’ जो एस गार्ड ब्रह्मांड में कहीं है,वहां का रहने वाला है और देव पुत्र है। वह असीम शक्तियों के मालिक के साथ एक हथोड़े के साथ जंग लड़ता है। यह हथौड़ा कोई भी परम नायक,पकड़ना तो छोड़िए,उठा भी नहीं सकता है।
यह तीसरा मामला भी थॉनोस के लिए भारी पड़ने वाला दिख रहा है।
थॉर के तीन भाग हम देख चुके हैं-
थॉर २०११,द डार्क वर्ल्ड २०१३, रेगनारॉक २०१७।
थॉर भी थॉनोस  से निपटने में बड़ी भूमिका निभाएंगे,क्योंकि वह मर नही सकता। साथ ही जैसे-जैसे थॉर की उम्र बढ़ेगी,उसकी शक्तियां और ताकत बढ़ती जाएंगी।
विज्ञान के प्रयोग से उपजा एक परम या श्रेष्ठ नायक,जिसकी उम्र बढ़ती जाती है पर वह बूढ़ा नहीं होता है। चुस्त,फुर्तीला होने के साथ उसके पास एक अमेरिकन झंडे की शील्ड या ढाल है,जिस पर किसी भी हथियार का असर नहीं होता है।
यह एक खास धातु वाईब्रेनियम की बनी है।
फिर-द विंटर सोल्जर २०१४ जिसमें ब्लेक विंडो,फॉल्कन का आगमन हुआ।
सिविल वार २०१६,जिसमें परम नायक(सुपर हीरो)को नियंत्रित करने के लिए कानून की बात रखी गई। ऐवेंजर्स २०१२ में लोकी(थॉर का भाई) इन्फिनिटी स्टोन के लिए पूरी दुनिया पर आक्रमण कर देता है तो निक फ्यूरी ऐवेंजर्स को एकत्रित करके मुकाबला करता है।
२०१५ में ‘एज ऑफ अल्ट्रॉन’ आई जब अल्ट्रॉन नाम की कृत्रिम जाति विश्व को समाप्त करने के लिए आती है तो,ऐवेंजर्स एकसाथ आकर मुकाबला करते हैं और विजन की ताकत पता चलती है। यहां २ औऱ करिश्माई पत्थर खुले।
‘सिविल वार’ में कुछ नए परम नायक आए-जैसे ब्लेक पैंथर, स्पाइडर मैन,आंट मैन। ब्लेक पैंथर को जनता नहीं जानती थी तो हालिया प्रदर्शित फ़िल्म में ब्लैक पैंथर के देश और ताकत के साथ जनता से रूबरू कराया गया।
तो दोस्तों,अब आपको समझ आ रहा होगा कि कैसे मार्वल स्टूडियो शुरू से एक योजना लेकर चल रहा है और उसकी सारी फिल्मों की तारतम्यता कैसे एक-दूसरे से जुड़ी हुई है।
डॉक्टर स्ट्रेंज २०१६,जादू और विज्ञान का मिश्रण है।डॉक्टर स्ट्रेंज  पात्र भी कमिक्स से उठाया गया है।डॉक्टर स्ट्रेंज भी अगली फिल्म में महती भूमिका निभाते नजर आएंगे,क्योंकि यह जादू तथा विज्ञान का मिश्रण लेकर चलते हैं।
‘स्पाइडर मैन’ भी यहां है,जो सोनी स्टूडियो का पात्र है,लेकिन सोनी और मार्वल में हुए समझौते के तहत ‘स्पाइडर मैन’ यहां दिख रहे हैं।
इस फिल्म में ३२ परम नायक साथ होंगे,जो ६२ तक हो सकते हैं। इसमें
ब्लेक विंडो,होकाई, क्विक सिल्वर, गार्जियन ऑफ गैलेक्सी टीम और  कलेक्टर आदि हैं।
थॉनोस से निपटने के लिए यह सभी साथ होंगे। यहां एक बड़ा सवाल- थॉनोस कौन है और इतना शक्तिशाली है कि सारे परम जन रक्षकों को एकजुट होकर लड़ना पड़ेगा। थॉनोस कैसे बना और वह करिश्माई पत्थर या नगीने क्यों खोज रहा है,थॉनोस और उसके साथियों के साथ इनफिनिटी स्टोन्स यानी करिश्माई पत्थर या नगीनो  पर चर्चा अगले भाग में।
बॉक्स…वकांडा और वाईब्रेनियम धातु
वकांडा एक ग्रह है या पोशीदा दुनिया,वाईब्रेनियम धातु मिलती है सिर्फ। इसी धातु की कैप्टन अमेरिका की ढाल बनी है। ब्लेक पैंथर ग्रह है या जगह है,जो आम दुनिया से पोशीदा है। इसी दुर्लभ धातु वाईब्रेनियम से थॉर का हथौड़ा बना है।
परिचय : इंदौर शहर के अभिनय जगत में १९९३ से सतत रंगकर्म में इदरीस खत्री सक्रिय हैं,इसलिए किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। परिचय यही है कि,इन्होंने लगभग १३० नाटक और १००० से ज्यादा शो में काम किया है। देअविवि के नाट्य दल को बतौर निर्देशक ११ बार राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व नाट्य निर्देशक के रूप में देने के साथ ही लगभग ३५ कार्यशालाएं,१० लघु फिल्म और ३ हिन्दी फीचर फिल्म भी इनके खाते में है। आपने एलएलएम सहित एमबीए भी किया है। आप इसी शहर में ही रहकर अभिनय अकादमी संचालित करते हैं,जहाँ प्रशिक्षण देते हैं। करीब दस साल से एक नाट्य समूह में मुम्बई,गोवा और इंदौर में अभिनय अकादमी में लगातार अभिनय प्रशिक्षण दे रहे श्री खत्री धारावाहिकों और फिल्म लेखन में सतत कार्यरत हैं। फिलहाल श्री खत्री मुम्बई के एक प्रोडक्शन हाउस में अभिनय प्रशिक्षक हैंl आप टीवी धारावाहिकों तथा फ़िल्म लेखन में सक्रिय हैंl १९ लघु फिल्मों में अभिनय कर चुके श्री खत्री का निवास इसी शहर में हैl आप वर्तमान में एक दैनिक समाचार-पत्र एवं पोर्टल में फ़िल्म सम्पादक के रूप में कार्यरत हैंl 

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