…और अनुष्का मुस्कुरा दी

विजयसिंह चौहान
इन्दौर(मध्यप्रदेश)
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वैसे तो महेश की कोई ज्यादा उम्र नहीं है,यही कोई ३५-४० साल का हट्टा कट्टा,नौजवान। सिर पर घनेरे बाल पर काला चश्मा, फिल्मी नायक नज़र आता था। लहराती जुल्फें,यौवन को नई परिभाषा प्रदान करती थीl बेटी अनुष्का और पत्नी भी हर बात पर महेश के साथ सेल्फी लेकर फोटो फ्रेम को नया लुक देते रहे।
…..कुछ समय क्या बीता,महेश के सिर पर बालों ने मुँह मोड़ना शुरू कर दिया। देखते ही देखते घने बालों के बीच चाँद, मुस्कराने लगा। तिल-तिल बढ़ते चाँद ने पूर्णाकार किया और अवसाद पूरे परिवार में समा गया। भैया से अंकल तक के इस सफर ने अनुष्का को अंदर से तोड़ दिया। पालक बैठक से लेकर विवाह समारोह तक महेश ने खुद दूरी बना ली,चेहरा जो बदल गया। अनुष्का ने भी इंटरनेट से खोजबीन कर एक चिकित्सक को खोज निकाला। लाखों रुपए का इलाज,जैसे-तैसे प्रबंध हो गया। सिर के निचले हिस्से से चिकित्सक ने कुछ बालों की जड़ें निकाली और चावल की बुवाई जैसे सिर पर अनेक छेद कर बालों की रुपाई कर दी। असहनीय दर्द और इलाज के चलते, देखते-ही-देखते….चांद के स्थान पर बालों ने स्थान पायाl अब जुल्फें फिर लहराने और बिटिया मुस्कराने लगी,हर अदा पर सेल्फी से तस्वीर में जान आ गई। बिटिया अनुष्का की मुस्कराहट के बदले,महेश अपना सारा दर्द भूल गया।

परिचय : विजयसिंह चौहान की जन्मतिथि ५ दिसम्बर १९७० और जन्मस्थान इन्दौर(मध्यप्रदेश) हैl वर्तमान में इन्दौर में ही बसे हुए हैंl इसी शहर से आपने वाणिज्य में स्नातकोत्तर के साथ विधि और पत्रकारिता विषय की पढ़ाई की,तथा वकालात में कार्यक्षेत्र इन्दौर ही हैl श्री चौहान सामाजिक क्षेत्र में गतिविधियों में सक्रिय हैं,तो स्वतंत्र लेखन,सामाजिक जागरूकता,तथा संस्थाओं-वकालात के माध्यम से सेवा भी करते हैंl लेखन में आपकी विधा-काव्य,व्यंग्य,लघुकथा और लेख हैl आपकी उपलब्धि यही है कि,उच्च न्यायालय(इन्दौर) में अभिभाषक के रूप में सतत कार्य तथा स्वतंत्र पत्रकारिता जारी हैl

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