और भी है राहें

सुश्री नमिता दुबे
इंदौर(मध्यप्रदेश)
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       परीक्षा परिणाम आने लगे हैं,तो कहीं ख़ुशी का माहौल है तो कहीं निराशा। माना जाता है कि,जो अच्छे अंकों से परीक्षा उत्तीर्ण कर रहे हैं उनके सामने तो कई राह हैं किन्तु कम अंक लाने पर असफल माने जाते हैंI असफलता का यह मतलब नहीं कि,आप पूरी तरह असफल हो गए। मेरा मानना है कि सफलता का कोई नियम नहीं होता, लेकिन आप असफलता से बहुत कुछ सीख सकते हैं। वैसे भी १०-१२ वीं कक्षा ज़िन्दगी का आखिरी पायदान नहीं,यह तो बस शुरुआत है। अक्सर देखा जाता है कि,शुरुआत में हम कभी-कभी लड़खड़ा जाते हैं,पर इसका मतलब यह तो नहीं कि हम इससे निराश हो जाएं। कम अंक मिलने के बहुत कारण हो सकते हैं,परन्तु थोड़ी-सी और दृढ़ता तथा थोड़ा-सा और प्रयास आपकी इस निराशाजनक असफलता को सफलता में परिवर्तित कर सकता है। बस आगे बढ़ने की चाहत और हिम्मत व हौंसला रखने से मंजिल को पाया जा सकता है। आगे और भी कई अवसर हैं,रास्ते हैं,ज़िन्दगी में इस नाकामयाबी को सोचकर आप निराश न हों। हर बच्चे में कोई-न- कोई प्रतिभा छुपी होती है,अपनी प्रतिभा को ढूंढो। जो पसंद का काम हो,उस पर पूरा ध्यान केन्द्रित करो। हो सकता है आपको पढ़ना पसंद न हो,किन्तु कराटे पसंद हो,क्रिकेट पसंद हो,गीत गाना पसंद हो,चित्रकारी करना पसंद हो,कम्प्यूटर से अच्छी दोस्ती हो,या सेवा करना पसंद हो,…उसे पहचानो और बढ़ चलो पूरी दृढ़ता से उस राह पर…आपकी मंजिल दूर नहीं है। इतना ध्यान रखिए-
हार को सौगात समझ,
जीत का मोहताज न बन।
अपनी हिम्मत को सलामत रख,
ऐ मुसाफिर खुद नब्ज पकड़,
अपनी खूबियों को सवार लेI
परिचय : सुश्री नमिता दुबे का जन्म ग्वालियर में ९ जून १९६६ को हुआ। आप एम.फिल.(भूगोल) तथा बी.एड. करने के बाद १९९० से वर्तमान तक शिक्षण कार्य में संलग्न हैं। आपका सपना सिविल सेवा में जाना था,इसलिए बेमन से शिक्षक पद ग्रहण किया,किन्तु इस क्षेत्र में आने पर साधनहीन विद्यार्थियों को सही शिक्षा और उचित मार्गदर्शन देकर जो ख़ुशी तथा मानसिक संतुष्टि मिली,उसने जीवन के मायने ही बदल दिए। सुश्री दुबे का निवास इंदौर में केसरबाग मार्ग पर है। आप कई वर्ष से निशक्त और बालिका शिक्षा पर कार्य कर रही हैं। वर्तमान में भी आप बस्ती की गरीब महिलाओं को शिक्षित करने एवं स्वच्छ और ससम्मान जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं। २०१६ में आपको ज्ञान प्रेम एजुकेशन एन्ड सोशल डेवलपमेंट सोसायटी द्वारा `नई शिक्षा नीति-एक पहल-कुशल एवं कौशल भारत की ओर` विषय पर दिए गए श्रेष्ठ सुझावों हेतु मध्यप्रदेश के उच्च शिक्षा और कौशल मंत्री दीपक जोशी द्वारा सम्मानित किया गया है। इसके अलावा श्रेष्ठ शिक्षण हेतु रोटरी क्लब,नगर निगम एवं शासकीय अधिकारी-कर्मचारी संगठन द्वारा भी पुरस्कृत किया गया है।  लेखन की बात की जाए तो शौकिया लेखन तो काफी समय से कर रही थीं,पर कुछ समय से अखबारों-पत्रिकाओं में भी लेख-कविताएं निरंतर प्रकाशित हो रही है। आपको सितम्बर २०१७ में श्रेष्ठ लेखन हेतु दैनिक अखबार द्वारा राज्य स्तरीय सम्मान से नवाजा गया है। आपकी नजर में लेखन का उदेश्य मन के भावों को सब तक पहुंचाकर सामाजिक चेतना लाना और हिंदी भाषा को फैलाना है।

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