कविता

अक्षय दुबे
ग्वालियर(मध्यप्रदेश)

************************************************************

मन के भावों को व्यक्त करती कविता,
हर पीड़ा से हमें विमुक्त करती कविता।

जब-जब धर्म पर अधर्म की बदली छा जाये,
तब महाभारत के कृष्ण-सा किरदार निभाती कविता।

जब मानव,मानव का दुश्मन हो जाये,
तब मानवता का पाठ पढ़ाती कविता।

अत्याचार,कुप्रथा विलासता सर चढ़कर तांडव करती है,
तब-तब मानव व समाज की ढाल बनती कविता।

जब दुश्मन की मनमानी बढ़ जाये,
तब दुश्मन को सीख सिखाती कविता।

कविता में ताकत है ईश्वर की महिमा गाने की,
संसार व मानव का भाग्य बदल देती कविता।

कविता की यह हालत देख आँखें भी नम हो जाती है,
अपने घर में जाने क्यों पराई-पराई-सी रहती कविता।

मैं नया कलम का सिपाही अपना धर्म निभाने आया हूँ,
मैं कविता व हिन्दी की साधना गाने आया हूँ॥

परिचय : सामाजिक माध्यमों सहित ब्लॉग पर भी लेखन में सक्रिय अक्षय दुबे की जन्मतिथि-५ सितम्बर १९९९ और जन्म स्थान-भिंड है।वर्तमान में मध्यप्रदेश राज्य के ग्वालियर में निवास हैं। बारहवीं उत्तीर्ण अक्षय दुबे बतौर विद्यार्थी सामाजिक क्षेत्र में रक्तदान को प्रोत्साहन देने के लिए सक्रियता से कार्य करते हैं। आपको-कविता और लेख रचने का शौक है। आपकी विधा कविता और लेख है। क्षेत्रीय पत्र-पत्रिकाओं में आपकी कुछ रचनाएं प्रकाशित हुई हैं। आपके लेखन का उद्देश्य-हिन्दी का मान बनाए रखना है। 

Hits: 17

आपकी प्रतिक्रिया दें.