कुछ हवाओं के झोंके

रचना पटेल
इंदौर(मध्यप्रदेश)
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कुछ हवाओं के झोंके
कुछ बादल का शोर,
वो थिरकती हुई बूंदें
वो इतराती हुई भोर।
मिट्टी की खुशबू
नाचते वो मोर,
जैसे कि जिन्दगी निखर रही थी
बारिश तन पर यूं उतर रही थी।
कुछ घाव के निशान
कुछ बिखरे अरमान,
वो इतराती हुई शाम
वो कोयल का गान,
झूमते हुए पत्ते
मौसम बेइमान,
मरहम-सा असर वो कर रही थी
बारिश तन पर यूं उतर रही थी।
कुछ गमों की चादर
कुछ खुशियों का आसमान,
वो मस्ताती मंज़िलें
वो रास्ते गुमनाम,
बेखौफ-सी मैं
इरादे अंजान,
काफी कुछ नया मुझमें भर रही थी
बारिश तन पर यूं उतर रही थी,
जैसे कि जिन्दगी निखर रही थी॥

परिचय-रचना पटेल साहित्यिक उपनाम ‘रचना की रचना’ उपयोग करती हैं। इनकी जन्म तारीख ५ जनवरी १९९८ एवं जन्म स्थान-सागर (म. प्र.)है। वर्तमान में आप मध्यप्रदेश राज्य की आर्थिक राजधानी इंदौर में बसी हुई  है,जबकि स्थाई पता सागर ही है।फिलहाल-बी.ए (अन्तिम वर्ष)में अध्ययनरत हैं,इसलिए कार्यक्षेत्र-पढ़ाई है। आपकी लेखन विधा-कविता है। इनकी लेखनी का उद्देश्य-सोंच में परिवर्तन करना और शौक है। इनके लिए प्रेरणापुंज  प्रकृति है तो रुचि लेखन एवं गायन में है।

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