केसरी हिंदी उगाओ

डॉ.मृदुल कीर्ति,

अमेरिका
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विश्व भाषा भूमि में,केसरी हिन्दी उगाओ,
विश्व है परिवार इसको ‘देव भाषा’ भी बताओ।
केसरी हिन्दी सुगंधा, सुरभि से अवगत कराओ।
सेतु हिंदी का बनाकर, सीख लो और कुछ सिखाओ।
विरल हिंदी-सरल हिंदी, गूढ़ गर्भा सीख जाओ,
वर्ण,अक्षर,व्याकरण के मर्म गहरे जान जाओ।
स्वर व व्यञ्जन अमर अक्षर,नाद का दर्शन सुनाओ।
पाणिनी के सूत्र ‘हिंदी’ में छुपे,यदि जान पाओ।
‘शांति सर्वं’ ‘धी’ के उदगम मन्त्र भी जग को बताओ।
विश्व हित ऋषियों की वाणी,योग का उदभव सिख़ाओ।
संस्कृति संस्कृत समाहित, संस्कारी साम गाओ।
हिन्द जय,जय हिन्द हिंदी, जयति जय हिंदी गुँजाओ॥
(सौजन्य:वैश्विक हिन्दी सम्मेलन,मुम्बई)

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