कोई ज़िंदगी ढूंढता है…

शुभम जैन `पराग`
उदयपुर(राजस्थान)

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इस जहाँ में हर इंसान परेशान है,
कोई ज़िंदगी ढूंढता है
कोई बन्दगी ढूंढता हैl

बहुत अमीर है वो
जीवन में सादगी ढूंढता हैl

एक वो भी है जो,
अन्न की तलाश में
गंदगी भी ढूंढता है…l

तलाश कब खत्म होती है,
इस सफ़र में ??
कोई दुनिया में अपने ढूंढता है,
कोई अपनों में दुनिया ढूंढता है…l

ढूंढते सब ही हैं,
कोई खुली आँखों से रास्ता…
कोई बंद आँखों से मंजिल ढूंढता हैl

मिलती मंजिलें सभी को है,
चाहे देर से ही सही…
कुछ ना करने वाला भी,
अपने लिए
कुछ ना करने की
वजह ढूंढता है..ll

परिचय-शुभम जैन का साहित्यिक उपनाम `पराग` हैl जन्म तारीख १९ अगस्त १९९६ और जन्म स्थान रिंगनोद(धार,मध्य प्रदेश) हैl वर्तमान पता राजस्थान में उदयपुर हैl भाषा ज्ञान- हिंदी और अँग्रेज़ी का हैl इनकी शिक्षा-एम.ए.(इतिहास) हैl फिलहाल कार्यक्षेत्र-पढ़ाई हैl सामाजिक गतिविधि में नि:शुल्क संस्थान चलाते हुए निदेशक हैंl लेखन विधा-कविता हैl विशेष उपलब्धि-काव्य संग्रह में रचना प्रकाशित होना हैl

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