खुशकिस्मत

सविता सिंह दास`सवि`
तेजपुर(असम)

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उन सबकी कीमत ज़्यादा होगी,
जिनके लिए तुमने मुझे छोड़ा है
बड़ी खुशकिस्मत है वो चीजें,
जिनसे रिश्ता तुमने जोड़ा है।

हम तो एक नाचीज़ किरदार,
तुम्हारी ज़िन्दगी के नाटक में
पर कहानी बदल गई है अब,
वक़्त अभी बस थोड़ा है।

इंतजार भी थक गया,
किसी की आने की राह में बिछकर
तुम क्या जानो पल-पल मैंने,
हर पल कैसे निचोड़ा है।

मेरी आवाज़ से तंग हो गए तुम,
शोर बन गई अब मेरी बातें मीठी
तुम क्या जानो तुम दुनिया हो मेरी,
एक तुम्हारे लिए मैंने दुनिया से नाता तोड़ा है।

परियों की कहानी में सुना,
अंत में प्रेम होता था
पर इस कहानी में प्रेम के अंत से ही,
किस्से ने रुख मोड़ा है।
उन सबकी कीमत ज़्यादा होगी,
जिनके लिए तुमने मुझे छोड़ा है॥

परिचय-सवितासिंह दास का साहित्यिक उपनाम `सवि` हैl जन्म ६ अगस्त १९७७ को असम स्थित तेज़पुर में हुआ हैl वर्तमान में तेजपुर(जिला-शोणितपुर,असम)में ही बसी हुई हैंl असम प्रदेश की सवि ने स्नातक(दर्शनशास्त्र),बी. एड., स्नातकोत्तर(हिंदी) और डी.एल.एड. की शिक्षा प्राप्त की हैl आपका कार्यक्षेत्र सरकारी विद्यालय में शिक्षिका का है। लेखन विधा-काव्य है,जबकि हिंदी,अंग्रेज़ी,असमिया और बंगाली भाषा का ज्ञान हैl रचनाओं का प्रकाशन पत्र-पत्रिकाओं में जारी हैl इनको प्राप्त सम्मान में काव्य रंगोली साहित्य भूषण-२०१८ प्रमुख हैl श्रीमती दास की लेखनी का उद्देश्य-हिंदी भाषा का प्रचार करना है। आपकी रुचि-पढ़ाने, समाजसेवा एवं साहित्य में हैl

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