गुरू माँ की महिमा

रिखब चन्द राँका ‘कल्पेश’
जयपुर(राजस्थान)
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विज्ञमती जी का नाम है प्यारा,
विशुद्धमती जी है रखवाराl
गुरु माँ के दर्शन की लगन में,
हमें आना पड़ेगा चरणों में दोबाराl
मैंने लीना शरण तिहारा,
आस जगी है करके नजाराl
गुरु माँ के दर्शन की लगन में,
हमें आना पड़ेगा चरणों में दोबाराl
हमें आना पड़ेगा…ll

गुरु माँ करती ध्यान है उतना पाएँ ज्ञान,
गुरु माँ करती ध्यान है उतना पाएँ ज्ञान-
दर्शन जिसने पाया है उसका नव उत्थान,
दर्शन जिसने पाया है उसका नव उत्थान-
बढ़ती जाए श्रद्धा भक्ति जितना पाऊँ सहारा,
हमें आना पड़ेगा चरणों में दोबाराl
हमें आना पड़ेगा…ll

गुरु माँ के चरणों में हम निशदिन ही कुर्बान,
गुरु माँ के चरणों में हम निशदिन ही कुर्बान-
गुरु माँ की भक्ति में हम पा जाएँ भगवान,
गुरु माँ की भक्ति में हम पा जाएँ भगवान-
नाम गुरु माँ का पावन है जो जीवन दर्पण सारा,
हमें आना पड़ेगा चरणों में दोबाराl
हमें आना पड़ेगा…ll

माँ विशुद्ध भक्त परिवार का सौ-सौ बार नमन,
माँ विशुद्ध भक्त परिवार का सौ-सौ बार नमन-
‘रिखब’ गुरू माँ की महिमा का गाएगा गुणगान,
‘रिखब’ गुरू माँ की महिमा का गाएगा गुणगान-
जीवन नैया पार लगाना हमने तुम्हें पुकाराl
हमें आना पड़ेगा…ll

विज्ञमती जी का नाम है प्यारा,
विशुद्धमती जी है रखवाराl
गुरु माँ के दर्शन की लगन में,
हमें आना पड़ेगा चरणों में दोबाराl
मैंने लाना शरण तिहारा,
आस जगी है करके नजाराl
गुरु माँ के दर्शन की लगन में,
हमें आना पड़ेगा चरणों में दोबारा…
हमें आना पड़ेगा चरणों में दोबारा,
हमें आना पड़ेगा चरणों में दोबाराll

परिचय : रिखबचन्द राँका का निवास जयपुर में हरी नगर स्थित न्यू सांगानेर मार्ग पर है। आप लेखन में कल्पेश` उपनाम लगाते हैं,जो आपको गुरूदेव ने दिया है। आपकी जन्मतिथि-१९ सितम्बर १९६९ तथा जन्म स्थान-अजमेर (राजस्थान)है। आपकी कुछ कविताओं का समाचार पत्रों में प्रकाशन हुआ है,तो वेब पोर्टल पर भी निरन्तर प्रदर्शित हो रही हैं। धार्मिक गीत व स्काउट गाइड गीत लेखन भी करते हैं। आपके लेखन का उद्देश्य-स्वरुचि और हिन्दी भाषा को बढ़ावा देना है। आपने अजमेर में ८ साल अध्यापन कार्य किया है,तथा वर्तमान में जयपुर में निजी विद्यालय में १२ साल से अध्यापक पद पर कार्यरत हैं। एम.ए.(संस्कृत) और बी.एड.(हिन्दी,संस्कृत) तक शिक्षित श्री रांका ने संस्कृत माध्यम से प्रवेशिका (१०,माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान) सहित वरिष्ठ उपाध्याय (१२,माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान),शास्त्री(स्नातक,महर्षि दयानन्द सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर) एवं  राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ मानित विश्वविद्यालय तिरूपति(आंध्रप्रदेश) से हिन्दी साहित्य व संस्कृत साहित्य में शिक्षा शास्त्री की उपाधि प्राप्त की है। श्री रांका ने स्काउट मास्टर बेसिक- एडवांस कोर्स का प्रशिक्षण प्राप्त किया है। छात्रों को प्रशिक्षण देकर राष्ट्रपति-राज्यपाल पुरस्कार और सफलता का प्रमाण-पत्र भी दिलवाया है। आपकी प्रमुख रचनाएँ-सरस्वती वन्दना,गुरू महिमा और यमराज का आगमन हैं। आपने स्काउट-गाइड विषय पर भी रचनाएँ लिखी हैं,तो धार्मिक भजन सहित विविध हिन्दी लेखन करते हैं। गीत गाना आपकी रुचि का काम है। आप सामाजिक गतिविधि के अन्तर्गत समाज के कई मंचों में सदस्य तथा सह मंत्री हैं तो विशुद्धमती माताजी स्वर्णिम संयम महोत्सव राष्ट्रीय कार्यकारिणी २०१८-१९ में प्रचार प्रमुख हैं। हाल ही में साझा काव्य संग्रह में ‘हिन्दी भाषा की महिमा’ कविता प्रकाशित हुई है। आपको राजस्थान के एक प्रमुख अखबार व एअर इण्डिया की तरफ से बोल्ट अवार्ड,राजस्थान राज्य भारत स्काउट गाइड अजमेर मण्डल सहित भारतीय जीवन बीमा निगम(जयपुर मण्डल) से और भाषा सारथी सम्मान से भी सम्मानित किया जा चुका है।

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