चुनावी झमेला

जसवंतलाल खटीक
राजसमन्द(राजस्थान)
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दारू ले के आया बन्दे,वोट ले के जायेगा,

दो दिन की हाथा जोड़ी,फिर वही झमेला।

 

वो नहीं रहे नेता,

जो देश का विकास कराते थे।

अब तो सारे नेता,

अपने घर-बार बनाते हैंl

डर गयी है जनता सारी,

और निर्भय हुए नेताl

दो दिन हाथा जोड़ी,फिर वही झमेलाll

 

इन टूटी सड़कों पर नेताजी,

खूब दौड़ लगा रहे।

जो कभी नहीं मिले थे,

आज वो भी गले लगा रहे।

हाथा जोड़ी से न माने जनता,

तो वो पैरों में गिरेl

दो दिन की हाथा जोड़ी,फिर वही झमेलाll

 

वो पढ़े-लिखे घूम रहे,

नहीं मिला रोजगार जिनको।

ये चाल है नेता जी की,

हमने वोट दिये थे जिनको।

कागजों  में नौकरी देंगे,

और सब बेरोजगार घूमेl

दो दिन की हाथा जोड़ी,फिर वही झमेलाll

 

इस चुनावी माहौल में,

राजा रहना दो दिन का।

क्यों व्यर्थ गंवाया वोट,

वोट है भविष्य भारत का।

वोट देंगे सोच के तो,

देश सुधर जायेगाl

दो दिन की हाथा जोड़ी,फिर वही झमेलाll

 

यहाँ लड़ रहे भाई,

इन वोट के चक्कर में।

यहाँ बोतलें खुल रही,

देखो चुनावी समर में।

रिश्ते लग रहे दांव पे,

कर देंगे अकेलाl

दो दिन की हाथा जोड़ी,फिर वही झमेलाll

 

ये बहुरूपिये बन्दे,

ये दिन-रात घूमेंगे।

बहला-फुसला के हमको,

फिर ये वोट लूटेंगे।

बदल लेंगे रंग नेता,

ये गिरगिट का चेलाl

दो दिन की हाथा जोड़ी,फिर वही झमेलाll

 

तूने वोट दिया बन्दे,

दारू और दौलत से।

इस दारू को तू छोड़,

ये तो बुरी आफत है।

रातभर में पलटी होगी,

बिक रही है जनताl

दो दिन की हाथा जोड़ी,फिर वही झमेलाll

 

इस वोट पर अधिकार,

वोट बिन नेता नहीं आता।

जनता की ताकत वोट,

वोट बिन कुर्सी नहीं पाता।

कहे जसवंत जनता से,

है राजनीतिक झमेलाl

दो दिन की हाथा जोड़ी,फिर वही झमेलाll

 

दारू ले के आया बन्दे,वोट ले के जायेगा।

दो दिन की हाथा जोड़ी,फिर वही झमेलाll

परिचय-जसवंतलाल बोलीवाल (खटीक) की शिक्षा बी.टेक.(सी.एस.)है। आपका व्यवसाय किराना दुकान है। निवास गाँव-रतना का गुड़ा(जिला-राजसमन्द, राजस्थान)में है। काव्य गोष्ठी मंच-राजसमन्द से जुड़े हुए श्री खटीक पेशे से सॉफ्टवेयर अभियंता होकर कुछ साल तक उदयपुर में निजी संस्थान में सूचना तकनीकी प्रबंधक के पद पर कार्यरत रहे हैं। कुछ समय पहले ही आपने शौक से लेखन शुरू किया,और अब तक ६५ से ज्यादा कविता लिख ली हैं। हिंदी और राजस्थानी भाषा में रचनाएँ लिखते हैं। समसामयिक और वर्तमान परिस्थियों पर लिखने का शौक है। समय-समय पर समाजसेवा के अंतर्गत विद्यालय में बच्चों की मदद करता रहते हैं। इनकी रचनाएं कई पत्र-पत्रिकाओं में छपी हैं।

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