चोरी कर गए चोर

 

आदिल सरफ़रोश
ओखल(नई दिल्ली) 

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गरज-गरज जब गरजा बादल,

घटा हुई चारों ओर

पीहू-पीहू बोले पपीहा,

बाग़ में नाचे मोरl

रिमझिम-रिमझिम बरसा पानी,

बिजली मचाए ज़ोर

तालाबों में मेंढक बोलें,

कोयल करे शोरl

इतने में जब बरसे ओले,

शांति चारों ओर

आँख खुली तो सबने देखा,

चोरी कर गए चोरl

परिचय-आदिल सरफ़रोश का जन्म ३ जून १९८३ को  फर्रुखाबाद(उत्तरप्रदेश)में हुआ है। आपकी शिक्षा-बी.कॉम.,एम.ए.(हिंदी),एम.ए (समाजशास्त्र),बी.एड.,पीजीडीआरडी. तथा `नेट` है।सम्प्रति से आप दिल्ली में प्रवक्ता(समाजशास्त्र)हैं। आपका निवास नई दिल्ली स्थित ओखल में हैl आदिल सरफ़रोश की लेखन विधा-कविता,गीत,ग़ज़ल,लघु कथा,कहानी, आलेख व बाल साहित्य है। यदि इनकी लेखन क्रियाएं देखें तो अब तक एक काव्य संग्रह ‘हम हिन्द के युवा हैं’ व एक ग़ज़ल संग्रह ‘पहलू ज़िन्दगी के’ प्रकाशित हो चुका हैl इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्तर पर लगभग सभी पत्र-पत्रिकाओं में नियमित लेखन एवं मंचीय काव्य पाठ जारी है।पुरस्कार-सम्मान के रूप में आपको शहीद क्रांतिकुमार अवार्ड,स्वामी विवेकानंद सम्मान,गाँधी शांति दूत पदक,सुभद्राकुमारी चौहान सम्मान, लेखन विधा सम्मान,युवा पुरस्कार और राष्ट्रीय युवा काव्य लेखन सम्मान आदि हासिल है।

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