जीवन पथ

वीरेन्द्र कुमार साहू
गरियाबंद (छत्तीसगढ़)
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जीवन पथ,
दौड़ता चल दौड़
रूकना मत।

 

कांटे मिलेंगे,
तभी चेहरे पर
फूल खिलेंगे।

 

थकना मत,
चलना मीलों दूर
लक्ष्य अनंत।

 

हारना नहीं,
हार मानना नहीं
सौ बार सही।

 

कर्म महान,
लक्ष्य पर हो ध्यान
हो पहचान।

 

कुछ तो करो,
रूको न पलभर
जियो या मरो।

परिचय-वीरेन्द्र कुमार साहू का जन्म १५ दिसम्बर १९८७ को बोड़राबांधा (राजिम) में हुआ हैl आपका वर्तमान निवास ग्राम-बोड़राबांधा,पोड़(पाण्डुका),जिला-गरियाबंद (छत्तीसगढ़)हैl यही स्थाई निवास भी हैl छत्तीसगढ़ राज्य के श्री साहू ने एम.ए.(हिन्दी) और डी.पी.ई. की शिक्षा प्राप्त की हैl आप कार्यक्षेत्र में शिक्षक हैंl सामाजिक गतिविधि के अंतर्गत स्वयं के समाज में सेवी हैंl आपकी लेखन विधा-गीत,कविता हैl ब्लॉग पर भी सक्रिय लेखन करते हैंl वीरेंद्र साहू की लेखनी का उद्देश्य-भावों की अभिव्यक्ति से नवजागरण करना हैl 

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