तस्वीर

हेमलता पालीवाल ‘हेमा’
उदयपुर (राजस्थान )
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सवेरे आज जब मैं उठा,सोशयल मीडिया पर आते हुए ढेर सारे `मातृत्व दिवस` की शुभकामनाओं से भरे संदेशों से ज्ञात हुआ-आज तो `माँ` के प्रति सम्मान व प्यार जताने वाला दिवस है। फिर क्या नहा-धोकर पहुंचा वृद्धालय,जहाँ पिछले दो वर्ष से मेरी माँ रह रही थी। आखिर मुझे भी तो मातृत्व दिवस की खानापूर्ति जो करनी है। वहाँ जा के देखा तो मुझे मालूम पड़ा पिछले चार दिन से उसने कुछ खाया नहीं,इसलिए कमजोरी के मारे,वो खटिया पर ही भूखी-प्यासी पड़ी है। बुखार भी लगभग एक सप्ताह से पीछे पडा़,उतरने का नाम नहीं लेता। खैर मुझे क्या,यह सब तो वृद्धावस्था के लक्षण हैं। काफी़ आवाज देने के बाद माँ थोड़ी हिली। मैंने अपना कीमती वक्त जाया न करते हुए माँ को बाँहों से पकड़कर खड़ाकर बैठा दिया। किसी बुझे दीए की भाँति माँ बार-बार खटिया पर लुढ़कती जा रही थी। मैंने माँ को झंझोड़ते हुए कहा कि,वह ठीक से बैठें,क्योंकि आज `मातृत्व दिवस` है और मुझे उसके साथ `तस्वीर`(सेल्फी) लेनी है। आखिर बेटा होने के नाते मुझे भी तो मातृत्व दिवस मनाने का पूर्ण अधिकार है। तस्वीर लेकर फेसबुक,इनस्टाग्राम आदि पर डालनी है। इन सबके बिना मातृत्व दिवस अधूरा है। मैं एकसाथ कई सारी तस्वीरें लेना चाहता था,ताकि प्रति वर्ष मैं एक-एक कर सोशयल मीडिया पर साझा कर सकूँ। मैं माँ को बिठाने का प्रयास कर ही रहा था कि,उसी समय नर्स ने मुझे झाड़ते हुए कहा-किसके साथ तस्वीर लेना चाहते हो,उसके साथ जो पन्द्रह मिनिट पहले इस संसार को छोड़ चुकी है। यह सुनते ही मुझे बुरा लगा कि अब मैं कौन-सी तस्वीर सोशयल मीडिया पर साझा करूँगा। माँ के साथ मेरी तस्वीर तो दूर,माँ की कोई भी तस्वीर इस जमाने को बताने के लिए नहीं है। यह सब मैं सोच ही रहा था कि,मेरे आसपास लोगों की भीड़ लग गई। जैसे मैं अपनी माँ का बेटा नहीं,कोई हत्यारा हूँ। वहाँ खड़ी प्रत्येक आँख मुझे नफरत से घूर रही थी,और कह रही थी कि-मातृत्व दिवस के स्वाँग रचाने वाले,तेरी याद में,और तुझे एक नजर देख लेने की ही चाहत में माँ ने दम तोड़ दिया। खैर,हमारा सपना माँ के साथ तस्वीर लेने का अधूरा ही रहा। अब हम कभी भी आप सबकी तरह माँ की तस्वीर के साथ `मातृत्व दिवस` नहीं मना पाएँगे।  एक अभागा बेटा…………..
परिचय – हेमलता पालीवाल का साहित्यिक उपनाम – हेमा है। जन्म तिथि -२६ अप्रैल १९६९ तथा जन्म स्थान – उदयपुर है। आप वर्तमान में सेक्टर-१४, उदयपुर (राजस्थान ) में रहती हैं। आपने एम.ए.और बी.एड.की शिक्षा हासिल की है। कार्यक्षेत्र-अध्यापन का है। लेखन विधा-कविता तथा व्यंग्य है। आपकी लेखनी का उद्देश्य-  साहित्यिक व सामाजिक सेवा है। 

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