तिरंगा

सुशीला रोहिला
सोनीपत(हरियाणा)
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१५ अगस्त विशेष ………………..
तिरंगा प्यारा तिरंगा हमारा,
आओ मिलकर खुशियाँ मनाएं,आजादी का गीत गाएं।
तिरंगा फहराएं,तिरंगा लहराए।
तिरंगे के केसरिया में त्याग का रंग भरा,
लाला लाजपतराय के स्वाभिमान का धागा है जड़ा।
सत्य-अहिंसा,शांति के सूत से यह तिरंगा बना,
शहीदों की शहादत का केसरिया रंग है बना।
आओ मिलकर तिरंगा फहराएं,आजादी का गीत गाएं।पवित्रता की सफेदी से तिरंगे का मान बढ़ा,
सदभावना का संदेश भाई-भाई में बढ़ा।
प्रेम के वस्त्र से तिरंगे का श्रंगार बढ़ा,
इसकी लहर-लहर पर भारत का नाम लिखा।
आओ मिलकर तिरंगा फहराएं,आजादी का हम गीत गाएं।तिरंगे के चक्र का भेद हम बताएं,

नीला रंग इसकी शान बढ़ाए।
चौबीस तीलियों के सरकंडे उन्नति की है निशानी,
तिरंगे की कहानी सुनो,अशोक महात्मा की जुबानी।
अध्यात्म का चक्र चलाए,शान्ति का साम्राज्य लाए।
आओ मिलकर तिरंगा फहराएं,आजादी गीत गाएं।तिरंगे की हरियाली का रंग बड़ा हरा,
घर-आँगन महके,शिक्षित हो हर बच्चा-बच्चा।
स्वच्छता जब मन में आए,आतंकवाद का मूल-मुरझाए,
आज़ादी  की कीमत को कम न होने देंगे,
तिरंगे को झुकने न देंगे।
आओ मिलकर तिरंगा फहराएं,आजादी का गीत गाएं।तिरंगे की रस्सी पर सत्य का रंग चढ़ा,
तत्वदर्शी राज-राजश्वेरी के लाल ने सत्य को पकड़ा।
भाई मोदी की चाहत ने तिरंगे का मान किया,
शूरवीरों की कुर्बानी का साहस इसमें भरा।
आओ मिलकर तिरंगा फहराएं,भारत को विश्वगुरु बनाएं,
आज़ादी का गीत गाएं,मिलकर जश्न मनाएं।
तिरंगा प्यारा,तिरंगा हमारा…॥
 परिचय-सुशीला रोहिला का साहित्यिक उपनाम कवियित्री सुशीला रोहिला हैl इनकी जन्म तारीख ३ मार्च १९७० और जन्म स्थान चुलकाना ग्राम हैl वर्तमान में आपका निवास सोनीपत(हरियाणा)में है। यही स्थाई पता भी है। हरियाणा राज्य की श्रीमती रोहिला ने हिन्दी में स्नातकोत्तर सहित प्रभाकर हिन्दी,बी.ए., कम्प्यूटर कोर्स,हिन्दी-अंंग्रेजी टंकण की भी शिक्षा ली हैl कार्यक्षेत्र में आप निजी विद्यालय में अध्यापिका(हिन्दी)हैंl सामाजिक गतिविधि के तहत शिक्षा और समाज सुधार में योगदान करती हैंl आपकी लेखन विधा-कहानी तथा कविता हैl शिक्षा की बोली और स्वच्छता पर आपकी किताब की तैयारी चल रही हैl इधर कई पत्र-पत्रिका में रचनाओं का प्रकाशन हो चुका हैl विशेष उपलब्धि-अच्छी साहित्यकार तथा शिक्षक की पहचान मिलना है। सुशीला रोहिला की लेखनी का उद्देश्य-शिक्षा, राजनीति, विश्व को आतंकवाद तथा भ्रष्टाचार मुक्त करना है,साथ ही जनजागरण,नारी सम्मान,भ्रूण हत्या का निवारण,हिंदी को अंतर्राष्ट्रीय भाषा बनाना और भारत को विश्वगुरु बनाने में योगदान प्रदान करना है। लेखन में प्रेरणा पुंज-हिन्दी है l आपकी विशेषज्ञता-हिन्दी लेखन एवं वाचन में हैl

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