तुम मुझको भूल न जाना

प्रवीण शर्मा
रतलाम (मध्यप्रदेश)
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तुम मुझसे दूर न जाना,
मैं तुमसे दूर न जाऊँ।
तूम मुझको भूल न जाना,
मैं तुमको भूल न जाऊँ॥
करो तुम प्यार कुछ ऐसा,
कि चन्दा आज शरमाए।
तू मुझमें समा जाए,
मैं तुझमें समा जाऊँ॥
तू मेरा ख़्वाब बन जाए,
मैं तेरा ख़्वाब बन जाऊँ।
तू मुझको भूल न जाना,
मैं तुझको भूल न जाऊँ॥
तू मेरा दर्द बन जाए,
मैं तेरा दर्द बन जाऊँ।
बनो तुम राधिका मेरी,
मैं घनशाम बन जाऊँ॥
तू मेरी भूल बन जाए,
मैं तेरी भूल बन जाऊँ।
बने तू जिंदगी मेरी,
मैं तेरी जान बन जाऊँ॥
तू मेरे दिल में बस जाए,
मैं तेरे दिल में बस जाऊँ।
तू मेरी धड़कन बन जाए,
मैं तेरी श्वांस बन जाऊँ॥
परिचय- प्रवीण शर्मा का जन्म स्थान बोरदिया और जन्मतिथि २३  सितम्बर १९७६ है। वर्तमान में जिला रतलाम (मध्यप्रदेश)पुलिस थाने के पीछे ताल तहसील में रहते हैं,जबकि स्थाई पता रतनगढ़(जिला नीमच)है। ताल निवासी श्री शर्मा ने बी.एस-सी.,एम.ए.(राजनीति-हिंदी) सहित डी.एड. की शिक्षा प्राप्त की है। कार्यक्षेत्र में आप अध्यापक हैं। सामाजिक गतिविधि के तहत आप सेवा कार्य भी करते हैं। आपकी लेखन विधा ग़ज़ल है। ब्लॉग पर भी अपनी बात रखते रहते हैं। इनकी विशेष उपलब्धि-एनसीसी है। पी.एस.ताल यानी श्री शर्मा की लेखनी का उद्देश्य-सामाजिक बुराइयों पर कटाक्ष और सृजनामकता है।

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