दिवाली…दिवाली

डॉ.अ‍र्चना दुबे 
मुम्बई (महाराष्ट्र)

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दीपावली पर्व विशेष, दीप पर्व आपको आलोकित करे…..

दिवाली दिवाली समय आ गया,

पटाखें जले तो मजा आ गया।

 

रहेगा उजाला भी चारों तरफ,

दिया जब जलेगा मजा आ गया।

 

बनेगीं मिठाई बंटेगीं मिठाई,

खाकर मिठाई मजा आ गया।

 

दीये की सजावट से घर-आंगन सजेंगे,

सपने होंगे पूरे मजा आ गया।

 

अजय-अर्चना संग दिवाली मनाएं,

रहे हर्ष साथ में तो मजा आ गया।

 

लक्ष्मी जी की पूजा साथ मिलकर करेगें,

कहेगें चालीसा साथ में तो मजा आ गया।

 

फूलझड़ियों को लेकर जलायेगें ऐसे,

बिखरेगी रोशनी तो मजा आ गया।

 

गुंझिया मिठाई संग खायेंगे पकवान,

साथ में रहे घर-परिवार तो मजा आ गया।।

परिचय-डॉ.अर्चना दुबे का बसेरा जिला पालघर (मुम्बई)स्थित नालासोपरा (पूर्व) में है। आपकी जन्मतिथि ५ फरवरी १९८३ एवं जन्म स्थान-जिला जौनपुर (उत्तर प्रदेश)है। एम.ए.,पी-एच.डी. तक शिक्षित अर्चना जी का कार्यक्षेत्र स्वच्छंद लेखन कार्य है। लेखन विधा-गीत,गज़ल, लेख, कहानी, लघुकथा, कविता और समीक्षा आदि है। २ साझा काव्य संग्रह आ चुके हैं तो कई रचनाओं का प्रकाशन अनेक अखबारों-पत्रिकाओं में हुआ है। एक अंर्तराष्ट्रीय पत्रिका में भी लेख प्रकाशित हुए हैं। आपने हिंदी साप्ताहिक अखबार (मुम्बई)में सह सम्पादक का कार्य भी किया है। आप १२ से ज्यादा राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रपत्र वाचन भी कर चुकी हैं। 

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