दीवाली

वन्दना शर्मा
अजमेर (राजस्थान)

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दीपावली पर्व विशेष, दीप पर्व आपको आलोकित करे…..

बुराई पर अच्छाई,अन्याय पर न्याय,
असत्य पर सत्य की
 जीत है दीवाली।
वर्षों बाद अपनों के लौटने का,
रिश्तों के मिलन में आनंद का
मंगल गीत है दीवाली।
संसार भर की दरिद्रता,गंदगी,
और अंधकार पर वैभव
सौंदर्य और प्रकाश का,
स्तोत्र है दीवाली।
रिश्तों की कटुता,दूरी,दुर्भावना में
 प्रीत,अपनत्व,निकटता का
 सुअवसर है दीवाली।
रंगोली,मांडणे,सफेदी की उज्ज्वलता में,
मिठाई का स्वाद और फुलझड़ी-
सी खुशी है दीवाली।
अमावस के घने अंधेरे में नन्हें दीयों की,
एकजुटता से मिली विजय का
प्रतीक है दीवाली।
जगमग करते दीयों में बाती और,
तेल के त्याग और स्नेह का
मधुर संगीत है दीवाली॥
परिचय-वंदना शर्मा की जन्म तारीख १ मई १९८६ और जन्म स्थान-गंडाला(बहरोड़,अलवर)हैl वर्तमान में आप पाली में रहती हैंl स्थाई पता-अजमेर का हैl राजस्थान के अजमेर से सम्बन्ध रखने वाली वंदना शर्मा की शिक्षा-हिंदी में स्नातकोत्तर और बी.एड. हैl आपका कार्यक्षेत्र-नौकरी के लिए प्रयासरत होना हैl लेखन विधा-मुक्त छंद कविता हैl इनकी लेखनी का उद्देश्य- स्वान्तःसुखाय तथा लोकहित हैl जीवन में प्रेरणा पुंज-गुरुजी हैंl वंदना जी की रुचि-लेखन एवं अध्यापन में है|

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