दुनिया

अक्षय दुबे
ग्वालियर(मध्यप्रदेश)

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यह कम्बक्त दुनिया वाले कितने ज़ालिम हैं,
अक्सर यह अपनों का भरोसा तोड़ देते हैं।

यह प्यार-मोहब्बत क्या जाने नादान जमाना,
अक्सर दिलों से खेलकर दिल तोड़ देते हैं।

वादा-ए-वफा करने में माहिर है फरेबी,
अक्सर बे-वफा बनकर वो वादे तोड़ देते हैं।

खुदा के इश्क़ को पाना तो चाहता है जमाना,
अक्सर खुदा की तालीम खुद ही तोड़ देते हैं।

खुदा के कदमों को चूमे उसूलों की दुहाई दे,
अक्सर खुद ही खुदा के उसूलों को तोड़ देते हैं॥

परिचय : सामाजिक माध्यमों सहित ब्लॉग पर भी लेखन में सक्रिय अक्षय दुबे की जन्मतिथि-५ सितम्बर १९९९ और जन्म स्थान-भिंड है। वर्तमान में मध्यप्रदेश राज्य के ग्वालियर में निवास हैं। बारहवीं उत्तीर्ण अक्षय दुबे बतौर विद्यार्थी सामाजिक क्षेत्र में रक्तदान को प्रोत्साहन देने के लिए सक्रियता से कार्य करते हैं। आपको-कविता और लेख रचने का शौक है। आपकी विधा कविता और लेख है। क्षेत्रीय पत्र-पत्रिकाओं में आपकी कुछ रचनाएं प्रकाशित हुई हैं। आपके लेखन का उद्देश्य-हिन्दी का मान बनाए रखना है।

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