देश पे जान निसार करो

अनिल कसेर ‘उजाला’ 
राजनांदगांव(छत्तीसगढ़)
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छत्तीसगढ़
मेरा पावन हरा-भरा,
मनभावन भूमि
क्यों मुझे तुम बेज़ार करो।
रचना गर
इतिहास तुम्हें तो,
दुश्मन पे जा वार करो।
क्यों लाल-लाल
रक्त से,
अपनी धरा को लाल करो।
रहें हैं निश्छल यहां के वासी,
क्यों संस्कृति को
यूँ बदनाम करो।
छोड़ो अपनी कायरता को,
देश पे जान
निसार करो।
नाम तुम्हारा भी हो जायेगा,
गले मिल
सबसे प्यार करो॥

परिचय-अनिल कसेर का निवास छतीसगढ़ के जिला-राजनांदगांव में है। साहित्यिक उपनाम-उजाला है। १० सितम्बर १९७६ को डोंगरगांव (राजनांदगांव)में जन्मे श्री कसेर को हिन्दी,अंग्रेजी और उर्दू भाषा आती है। शिक्षा एम.ए.(हिन्दी)तथा पीजीडीसीए है। कार्यक्षेत्र-स्वयं का व्यवसाय है। लेखन विधा-कविता,लघुकथा,गीत, ग़ज़ल है। कुछ रचनाएं पत्र-पत्रिका में प्रकाशित हो चुकी हैं। आपकी लेखनी का उद्देश्य-सच्चाई को उजागर करके कठिनाइयों से लड़ना और हिम्मत देने की कोशिश है। प्रेरणा पुंज-देशप्रेम व परिवार है। सबके लिए संदेश-जो भी लिखें,सच्चाई लिखें। विशेषज्ञता- बोलचाल की भाषा व सरल हिन्दी में लिखना है।

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