धर्मपत्नी

वन्दना शर्मा
अजमेर (राजस्थान)

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धर्मपत्नी इतना भारी
भरकम-सा सम्मान।
बाँध देता है मुझे,
कहीं रिश्तों से,कहीं कर्त्तव्य से
जिम्मेदारियों से,कहीं प्रेम से।

कहीं ममता से तो कहीं समाज से,
सभी को निभाने और
सजाने में लगी हूँ मैं।
कहीं बिखरे को समेटने,
कहीं टूटे को पिरोने
कहीं फ़टे को सिलने में लगी हूँ मैं।

मान को दिखाने,अपमान को छुपाने में,
सबकी सुनने आप-बीती भुलाने में
हर चोट पर मरहम लगाने और,
अपने जख्मों को ढाँकने में लगी हूँ मैं
सास-ससुर की आरती में,
देवर ननद की हाजिरी में।

पति की जी हुजूरी और बच्चों की,
चाकरी में लगी हूँ मैं।
कहाँ जाऊँ,क्या करूँ,कैसे करूँ,
धर्मपत्नी हूँ,इसीलिए धर्मसंकट में पड़ी हूँ मैंll

परिचय-वंदना शर्मा की जन्म तारीख १ मई १९८६ और जन्म स्थान-गंडाला(बहरोड़,अलवर)हैl वर्तमान में आप पाली में रहती हैंl स्थाई पता-अजमेर का हैl राजस्थान के अजमेर से सम्बन्ध रखने वाली वंदना शर्मा की शिक्षा-हिंदी में स्नातकोत्तर और बी.एड. हैl आपका कार्यक्षेत्र-नौकरी के लिए प्रयासरत होना हैl लेखन विधा-मुक्त छंद कविता हैl इनकी लेखनी का उद्देश्य- स्वान्तःसुखाय तथा लोकहित हैl जीवन में प्रेरणा पुंज-गुरुजी हैंl वंदना जी की रुचि-लेखन एवं अध्यापन में हैl

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