पुस्तकों से कीजिए दोस्ती 

तेजस अशोक राजपुरे
नवी मुंबई(महाराष्ट्र) 
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‘कलाकार’ यह शब्द सुनते ही हमारे मन में कई नाम आते हैं। ज्यादा तर लोग अभिनय के क्षेत्र से जुड़े होते हैं। ‘कलाकार’ मतलब कला को आकार देने वाला। हमारे जीवन के हर एक मोड़ पर हमारे अंदर का एक कलाकार उभर आता है,जैसे दु:ख के वक्त एक तो सुख के वक्त दूसरा। हमारे जीवन में हम अनेक लोगों से मिलते हैं,पर एक सच्चा कलाकार ही याद रहता है और जो मन से काम करे,वही सच्चा होता है।
    ‘तन देखा कलाकार का, 
      मन देखा कलाकार का
      देखना हो जो सच्चा अगर,
      तो देखो जीवन कलाकार का।
जीवन में ऐसे अनेक कलाकारों ने एकसाथ मिलकर हमारी प्रिय भाषा हिंदी का मान बढ़ाया है। जैसे- प्रेमचंद,फणीश्वरनाथ रेणु आदि। आज दुनिया में कला के अनेक क्षेत्र हैं,पर लोग सिर्फ फिल्मों और  गायकों को पहचानते हैं,क्योंकि लोग दिनभर टी.वी. एवं मोबाईल पर उन्हें ही देखते रहते हैं। इस वजह से आज पुस्तकालय सूने हो गए हैं,क्योंकि लोग किताबें पढ़ना भूल गए हैं। लोग सच्चे कलाकार की व्याख्या समझ नहीं पा रहे हैं।
एक कलम,एक किताब,और एक कलाकार
पूरी दुनिया बदल सकते हैं। क्या आप उनका साथ देंगे ?
अगर हाँ,तो पुस्तकों की दुनिया की ओर अपना सफर शुरु कर दें। लेखकों से परिचय करें। कलाकार का जीवन उसकी कला और चाहने वालों के अटूट विश्वास पर निर्भर करता है। अगर उसके काम की सराहना की जाए तो उसकी कला-कौशल में तेज आता है और यह तेज दुनिया बदलने की ताकत रखता है।

परिचय:तेजस अशोक राजपुरे की जन्म तारीख १२ मई २००३ तथा सांगवी खुर्द.भोर (पुणे,महाराष्ट्र )  है। वर्तमान में निवास कोपरखैरणे (नवी मुंबई,महाराष्ट्र) में है। महाराष्ट्र राज्य के तेजस राजपुरे फिलहाल छात्र के रुप में विद्यालय(नवी मुंबई) में अध्ययनरत हैं। इनको प्राप्त सम्म्मान में वर्ष २०१७-१८ में रोटरी क्लब की नाटक स्पर्धा में द्वितीय स्थान,हिंदी वक्तृत्व प्रतियोगिता में प्रथम और शाला स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अनेक पुरस्कार प्राप्त किए हैंI इनकी लेखनी का उद्देश्य लेखन का शौक होने के नाते अपनी कृतियों को सभी के समक्ष प्रस्तुत कर लेखन में नवनिखार की इच्छा है I

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