पैसे की ताकत

अजय जयहरि ‘कीर्तिप्रद’
कोटा(राजस्थान)

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ये पैसे की ताकत ही तो है,
                कि एटीएम में दिनभर
एसी चलता है…
            जिसके पास नहीं है पैसा
वो पैसे वाले से जलता है।
                    ख्वाब पूरा होता हो,
भले ही कुछ करने से
                   पर घर का खर्चा तो,
पैसे से ही चलता है।
                  नौकरी लगने के बाद,
सूरज पश्चिम से निकलता है
                   ब्याह भी उसका ही,
होता है इस जमाने में
                        जिसका सिक्का
बाजार में चलता है।
                      और जिसके पास,
नहीं है पैसा वो घर बैठे-बैठे
                           हाथ मलता है,
मुफ्त में मिलता है गर्म पानी
                      …ठंडा पानी तो
पैसे में ही मिलता है।
                  और पैसा हो जेब में,
तो चोर भी बाजार में
                       घूमता मिलता है,
पैसा वो चीज है जो
                गरीब को लगा देता है
कतारों में…
                …अमीर का काम
घर बैठे-बैठे मोबाइल
                          से ही चलता है।
भगवान पर दस रुपए कम,
                  चढ़ाओ तो चलता है
कितनी ताज्जुब की
                  …बात है दोस्तों,
हिन्दुस्तान का पैसा
           बिना पासपोर्ट व वीजा के,
सीधा स्विट्जरलैंड की
                 बैंकों से निकलता हैं।
ये पैसे की ताकत….॥
परिचय  – पेशे से शिक्षक अजय जयहरि का निवास कोटा(राजस्थान) स्थित शहर रामगंज मंडी की गिरधर कालोनी में है। श्री जयहरि का उपनाम-कीर्तिप्रद है।आपकी जन्मतिथि १८ अगस्त १९८५ तथा जन्म स्थान-रामगंजमंडी (कोटा) है। आपने स्नातकोत्तर तक शिक्षा(एम.ए.,बी.एड.) हासिल की है। लेखन विधा-कविता,नाटक,हास्य व्यंग्य है,साथ ही मंच पर काव्य पाठ भी करते हैं। आपकी रचनाओं में ओज,हास्य रस और छायावादी शैली की झलक है। कई पत्र-पत्रिकाओं में इनकी कविताओं का प्रकाशन होता रहता है। आपका कार्यक्षेत्र-मंचासीन कवि व शिक्षक का है। मां शारदा काव्य संग्रह आपके नाम है। आपको त्रिवेणी सम्मान(छत्तीसगढ़), ज्ञानोदय साहित्य सेवा सम्मान(कर्नाटक) और रचना साहित्य रत्न (छत्तीसगढ़) मिल चुका है। आप ब्लॉग पर भी लेखन करते हैं। श्री जयहरि की लेखनी का उद्देश्य सामाजिक परिवर्तन करना है।

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