प्रकृति का दान

तेजस अशोक राजपुरे
नवी मुंबई(महाराष्ट्र) 
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सावन आया,
संग प्यार लाया
मना करे क्यों ?
 
 
माँ के समान, 
प्रकृति का ये दान
गंवाए क्यों ? 
 
 
वर्षा का प्यार,
जीवन का आधार
सबके लिए।
 
 
जल हमारा,
अमृत के समान
सबका प्राण।
 
 
जीवन नहीं,
किसी का संसार में
इसके बिना।
 
 
मिटाए प्यास,
शीतलता के साथ 
हम सबकी।
 
 
स्वागत करें,
इस अलंकार का
सब मिल के।
 
 
न भूलें यह,
कि दान दिया हमें
है प्रकृति नेll 
परिचय:तेजस अशोक राजपुरे की जन्म तारीख १२ मई २००३ तथा सांगवी खुर्द.भोर (पुणे,महाराष्ट्र )  है। वर्तमान में निवास कोपरखैरणे (नवी मुंबई,महाराष्ट्र) में है। महाराष्ट्र राज्य के तेजस राजपुरे फिलहाल छात्र के रुप में विद्यालय(नवी मुंबई) में अध्ययनरत हैं। इनको प्राप्त सम्म्मान में वर्ष २०१७-१८ में रोटरी क्लब की नाटक स्पर्धा में द्वितीय स्थान,हिंदी वक्तृत्व प्रतियोगिता में प्रथम और शाला स्तर पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अनेक पुरस्कार प्राप्त किए हैंI इनकी लेखनी का उद्देश्य लेखन का शौक होने के नाते अपनी कृतियों को सभी के समक्ष प्रस्तुत कर लेखन में नवनिखार की इच्छा है I

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