बसंत

बाबूलाल शर्मा
सिकंदरा(राजस्थान)
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(रचना शिल्प:विधान १२ १२ १२ १२ १२ १२ १२ १२ (आठ बार) १२ १२ १२ १२ १२ १२ १२ १२ (आठ बार)दो-दो चरण सम तुकांत हो,चार चरण का छंद होता है)

बसंत दूत कोकिला,विनीत मिष्ठ बोलती।
बखान रीत गीत से,बसंत गात डोलती।

बसंत की बहार में,उमा महेश साथ में।
बजाय कान्ह बाँसुरी,विशेष चाल हाथ में।

दिनेश छाँव ढूँढते,सुरेश स्वर्ग वासते।
सुरंग पेड़ धारते,प्रसून काम सालते।

कली खिले बने प्रसून,भृंग संग सोम से।
खिले विशेष चंद्रिका मही रात व्योम से।

पपीह मोर चातकी चकोर शोर काम के।
बसंत बाग फाग में बहार बौर आम के।

बटेर तीतरी कपोत,कीर काग बावरे।
लता लपेट खाय,पेड़ मौन कामना भरे।

निपात होय पेड़ जोह बाट फूल पात की।
विदेश पीव है,बसंत याद आय पातकी।

स्वरूप ये मही सजे, समुद्र छाल  मारते।
पलंग शेष  क्षीर सिंधु,विष्णु श्री विराजते।

मचे बवाल कामना,पिया पिया पुकारते।
बढ़े,सनेह भावना,बसंत काम भावते।

निराश नहीं छात्र हो,नवीन पाठ सीखते।
बसंत के प्रभाव गीत चंग संग दीखते।

मने,बसंत पंचमी,मनाय मात शारदा।
मिटे समस्त कामना,पले न घोर आपदा।

विवेक शील ज्ञान संग आन मान शान दे।
अँधेर नाश मानवी प्रकाश स्वाभिमान दे।

बसंत की उमंग संग पूजनीय शारदे।
किसान भाग्य खेल मात कर्ज भार तार दे।

फले चने कनेर आम कैर बौर खेजड़ी।
प्रसून खूब है खिले शतावरी खिले जड़ी।

पके अनाज,खेत में कपोत कीर तारते।
नसीब,हाय होलिके,हँसी खुशी पजारते।

विवाह साज साजते,विधान ईश मानते।
समाज के विकास को,सुरीत प्रीत पालते।

विशेष शीत मुक्ति से,सिया समेत राम से।
घरों समेत खेत के, सुकाम में सभी लसे।

विशाल भाल भारती,नमामि मात आरती।
हिमालयी प्रपात नीर मात गंग धारती।

अखंड देश संविधान वीर रक्ष सर्वदा।
प्रणाम है शहीद को,नमामि नीर नर्मदा।

बसंत की उमंग,फाग संग छंद भावना।
सुरंग भंग चंग मंद मोर बुद्धि मानना।

परिचय : बाबूलाल शर्मा का साहित्यिक उपनाम-बौहरा हैl आपकी जन्मतिथि-१ मई १९६९ तथा जन्म स्थान-सिकन्दरा (दौसा) हैl वर्तमान में सिकन्दरा में ही आपका आशियाना हैl राजस्थान राज्य के सिकन्दरा शहर से रिश्ता रखने वाले श्री शर्मा की शिक्षा-एम.ए. और बी.एड. हैl आपका कार्यक्षेत्र-अध्यापन(राजकीय सेवा) का हैl सामाजिक क्षेत्र में आप `बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ` अभियान एवं सामाजिक सुधार के लिए सक्रिय रहते हैंl लेखन विधा में कविता,कहानी तथा उपन्यास लिखते हैंl शिक्षा एवं साक्षरता के क्षेत्र में आपको पुरस्कृत किया गया हैl आपकी नजर में लेखन का उद्देश्य-विद्यार्थी-बेटियों के हितार्थ,हिन्दी सेवा एवं स्वान्तः सुखायः हैl

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