माँ

मोहित जागेटिया
भीलवाड़ा(राजस्थान)
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माँ सबकी भगवान है,माँ से हर इंसान।
माँ ही पूजा है कभी,माँ तो है वरदान॥
माँ तो है वरदान,प्यार दुलार है माता।
माँ ही मेरी जान,जीव का दान विधाता।
मिलता माँ से ज्ञान,करें पूजा ज्यों रब की।
होता माँ से मान,भगवान है माँ सबकी॥
माँ ममता है दया है,माँ ही चारों धाम।
माँ है पूजा-वंदना,माँ से सबके काम॥
माँ से सबके काम,उतारे अपनी नजरें।
होता माँ का प्यार,टले हैं उससे खतरे।
भरा प्रेम वात्सल्य,दर्द-दु:ख की समता है।
माँ श्रद्धा का फूल,प्यार ही माँ ममता है॥
परिचय–मोहित जागेटिया का जन्म ६ अक्तूबर १९९१ में ,सिदडियास में हुआ हैl वर्तमान में आपका बसेरा गांव सिडियास (जिला भीलवाड़ा, राजस्थान) हैl यही स्थाई पता भी है। स्नातक(कला)तक शिक्षित होकर व्यवसायी का कार्यक्षेत्र है। इनकी लेखन विधा-कविता,दोहे,मुक्तक है। इनकी रचनाओं का प्रकाशन-राष्ट्रीय पत्र पत्रिकाओं में जारी है। एक प्रतियोगिता में सांत्वना सम्मान-पत्र मिला है। मोहित जागेटिया ब्लॉग पर भी लिखते हैं। आपकी लेखनी का उद्देश्य-समाज की विसंगतियों को बताना और मिटाना है। रुचि-कविता लिखना है।

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