‘मां-बाप के चरणों में चारों धाम हैं…’

दौसा।
१४ अप्रैल को राष्ट्रीय कवि चौपाल शाखा दौसा के तत्वावधान में मासिक काव्य गोष्ठी की कड़ी में १६वीं काव्य गोष्ठी रखी गई। शिवचरण भण्डाना की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम बजरंग मैदान में किया गया,जहां शानदार रचनाओं की प्रस्तुति दी गई।
संयोजक कवि कृष्ण कुमार सैनी ‘राज’  ने बताया कि सम्मान की कड़ी में रामबाबू शर्मा ‘राजस्थानी’  को राष्ट्रीय कवि चौपाल सम्मान-पत्र व स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। काव्य गोष्ठी की शुरुआत कवियित्री मीनाक्षी पारीक ने मां शारदे की वंदना के साथ की। उन्होंने       ‘इशारों ही इशारों में इशारा यार कर लो तुम’ रचना सुनाकर खूब तालियां बटोरी।
बनवारी लाल शर्मा ने ‘राजनीति के करतब से भी यह जलसंकट गहराया है’, सुनाई तो कृष्ण कुमार सैनी ने ‘दर-दर भटकना मैंने छोड़ दिया अब,मां बाप के चरणों में ही चारों धाम है’ सुनाई।
हिमांशु चड्ढा ने ‘मां-बाबा ने पढ़ा लिखा कर अफसर तुम्हें बना दिया…,’ बुद्धि प्रकाश महावर ‘मन’ ने भीमराव आम्बेडकर जी को याद करते हुए कहा कि ‘शिक्षा को बना गए हमारा अधिकार…’,रामवीर सिंह साहिल ने        ‘जितना चाहो मांग लो मैं सब कुछ देना चाहता हूं…’ ,मूलचंद पांचाल ने ‘नाम अपना दूसरों के दिल पर लिख’…प्रस्तुत की तो, सुनील कुमार बैरवा सहित
दिनेश प्रजापति,शिवचरण भण्डाना
सलमान सिकन्दराबादी और अमित शर्मा ‘अमित’  ने भी एक से बढ़कर एक दोहे सुनाएं।
रामबाबू शर्मा ‘राजस्थानी ने गोष्ठी संचालन किया। गोष्ठी में पत्रकार दीपक सैनी,सोहनलाल सैनी,चिरंजीलाल जी, रामजीलाल जी,सोनू,धर्मेंद्रआदि अनेक श्रोता एवं काव्यप्रेमी मौजूद थे।

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