मिट्टी

करणसिंह यादव
अलवर (राजस्थान)
*************************************************************************
बच्चों के लिए चॉकलेट बन जाती है…,
थोड़े बड़े हों तो मरहम,हर चोट के लिए बन जाती है।
दिया बन उजाला फैलाती है…,
मटका-सुराई बन शीतल जल से प्यास बुझाती है।
कुल्हड़ बन गरम चाय का स्वाद बढ़ाती है…,
मिटटी क्या-क्या रंग दिखाती है।
लेट जाएँ थककर तो माँ की तरह सुकून दिलाती है…,
हमें रोटी-पानी और तो और जिंदगी…
सब मिटटी की ही कहानी है।
और फिर अंत समय मिटटी में ही मिल जाना है…,
यही इस जीवन का तराना है…॥
परिचय –करणसिंह यादव की जन्म तारीख ७ जून १९८२ और जन्म स्थान -गण्डाला है। वर्तमान में जिला अलवर (राजस्थान)के गण्डाला में स्थाई रुप से बसे हुए हैं। राजस्थान वासी करण सिंह यादव ने कला विषय में स्नातक की शिक्षा हासिल की है। इनका कार्यक्षेत्र-सूचना प्रौद्योगिकी का है। लेखन विधा-लेख और काव्य है। हिन्दी भाषा का ज्ञान रखने वाले श्री यादव की लेखनी का उद्देश्य-लिखना मन को अच्छा लगना है। आपके लिए प्रेरणा पुंज-गुरुजी हैं।

Hits: 22

आपकी प्रतिक्रिया दें.