मित्रों! देश बदल रहा है…

दीपक शर्मा
जौनपुर(उत्तर प्रदेश)

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अब भूखी जनता
सड़कों पर नहीं आ रही,
कपड़ों के अभाव में
अब कोई
अपना नंगा चेहरा
नहीं दिखा रहा है,
हर गाँव,हर कस्बे में
हो गई है पक्की सड़कें,
पक्के मकान सबके पास हो गए हैं
चौबीस घंटें बिजली है,
एलईडी प्रकाश से
पूरा देश जगमगा रहा है,
सब-कुछ ठीक-ठाक चल रहा है…
मित्रों! देश बदल रहा है।
स्वच्छ भारत अभियान के सपने
साकार होते दिख रहे हैं,
दरवाजा बंद अभियान सफल हुआ
देश भ्रष्टाचार मुक्त होने के करीब है,
विदेशों में जमा काला धन
निकल रहा है…
मित्रों! देश बदल रहा है।
पहले से ज़्यादा सुरक्षित हैं
देश की बेटियाँ,
किसान आत्महत्या करने पर
विवश नहीं हैं,
रोजगार के लिए युवाओं का भटकना
बहुत कम हो गया है,
हमारी तरक्कियों से
पड़ोसी देश जल रहा है…
मित्रों! देश बदल रहा है।
पिछले पाँच वर्षों में
प्रदूषण पर नियंत्रण बहुत हुआ है,
तकनीक भी विकसित हुई है तेजी से
‘जीएसटी’ से,
बाजार भाव काफी कम हुआ है
आतंक और अपराध का संकट
टल रहा है…
मित्रों! देश बदल रहा है॥
परिचय-दीपक शर्मा का स्थाई निवास जौनपुर के ग्राम-रामपुर(पो.-जयगोपालगंज केराकत) उत्तर प्रदेश में है। आप वर्तमान में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्रावास में निवासरत हैं। आपकी जन्मतिथि २७ अप्रैल १९९१ है। बी.ए.(ऑनर्स-हिंदी साहित्य) और बी.टी.सी.( प्रतापगढ़-उ.प्र.) तक शिक्षित श्री शर्मा एम.ए. में अध्ययनरत(हिंदी)हैं। आपकी लेखन विधा कविता सहित लघुकथा,आलेख तथा समीक्षा भी है। विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में इनकी कविताएँ व लघुकथा प्रकाशित हैं। विश्वविद्यालय की हिंदी पत्रिका से बतौर सम्पादक भी जुड़े हैं।दीपक शर्मा की लेखनी का उद्देश्य- देश और समाज को नई दिशा देना तथा हिंदी क़ो प्रचारित करते हुए युवा रचनाकारों को साहित्य से जोड़ना है। विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं द्वारा आपको लेखन के लिए सम्मानित किया जा चुका है। 

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