मेरा सर तेरे कदमों में सौ बार झुके

डॉ.नीलिमा मिश्रा ‘नीलम’ 
इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश)

***************************************************************

अशफ़ाक उल्ला खां जयंती विशेष……….

मेरा सर तेरे क़दमों में सौ बार
झुके सौ बार झुके,
सर कटा लिया पर झुके नहीं
जज़्बा वो तेरे दिल में है।

जिसने कर दी क़ुर्बान जवानी
इंक़लाब की आग लिए,
अशफाक तेरे क़दमों में अर्पित
भाव हमारे दिल में है।

बिस्मिल अशफाक की जोड़ी ने
पूरी दुनिया को दिखलाया,
काशी-क़ाबा से आगे भी
भगवान हमारे दिल में है।

गांधी की आँधी ने भारत में
क्रांति का बीज जमाया था,
समरसतावादी पानी की
बौछार हमारे दिल में है।

भारत माता को हमको बस
आज़ाद कराना है ज़ालिम,
है राम हमारा रहबर और
अल्लाह हमारे दिल में है।

है नहीं कोई ज़ंजीर मुझे जो
बाँधे अपनी बेड़ी से,
मैं हूँ आज़ाद परिंदा उड़ने की
ख्वाहिश अब दिल में है।

ये गोरों की ही साज़िश थी
लूटा हमको कुचला हमको,
हम उनको लूटें जुर्म नहीं
सच बात हमारे दिल में है।

काकोरी में जो लूटा था
वो दौलत थी सब अपनी ही,
दस लोगों ने दम दिखा दिया
फौलाद हमारे दिल में है।

१९ दिसम्बर की सुबह
आई लेकर पैग़ाम यही,
फाँसी है बेहतर जीवन से
ये शौक़ हमारे दिल में हैं ।

जा रहा हूँ ख़ाली हाथ मगर
ये हसरत अभी रही बाकी,
हो मुल्क मेरा आज़ाद ये ख्वाहिश
बस अब मेरे दिल में है।

ऐसे शहीद न होते तो
आज़ादी हमें नही मिलती,
हे! क्रांतिवीर जननायक हे!
सम्मान हमारे दिल में है॥

परिचय-डॉ.नीलिमा मिश्रा का साहित्यिक नाम नीलम है। जन्म तारीख १७ अगस्त १९६२ एवं जन्म स्थान-इलाहाबाद है। वर्तमान में इलाहाबाद स्थित साउथ मलाका (उत्तर प्रदेश) बसी हुई हैं। स्थाई पता भी यही है। आप एम.ए. और पी-एच.डी. शिक्षित होकर केन्द्रीय विद्यालय (इलाहाबाद) में नौकरी में हैं। सामाजिक गतिविधि के निमित्त साहित्य मंचन की उपाध्यक्ष रहीं हैं। साथ ही अन्य संस्थाओं में सचिव और सदस्य भी हैं। इनकी लेखन विधा-सूफ़ियाना कलाम सहित ग़ज़ल,गीत कविता,लेख एवं हाइकु इत्यादि है। एपिग्रेफिकल सोसायटी आफ इंडिया सहित कई पत्र-पत्रिका में विशेष साक्षात्कार तथा इनकी रचनाओं का प्रकाशन हो चुका है। ब्लॉग पर भी लिखने वाली डॉ. मिश्रा की विशेष उपलब्धि-विश्व संस्कृत सम्मेलन (२०१५,बैंकाक-थाईलैंड)और कुम्भ मेले (प्रयाग) में आयोजित विश्व सम्मेलन में सहभागिता है। लेखनी का उद्देश्य-आत्म संतुष्टि और समाज में बदलाव लाना है। आपके लिए प्रेरणा पुंज-डॉ. कलीम कैसर हैं। इनकी विशेषज्ञता-ग़ज़ल लेखन में है,तो रुचि-गायन में रखती हैं। 

Hits: 17

आपकी प्रतिक्रिया दें.