योग का खजाना

सुशीला रोहिला
सोनीपत(हरियाणा)
*************************************************************************************** 
योग दिवस विशेष……………………………….
ऋषि-मुनियों का भारत देश,योग का देता सन्देश।
आओ प्यारे भाइयों-बहनों,बच्चे,बूढ़े और जवान।
योग को हम अपनाएं,जीवन हो निहाल।
युज धातु से मेल हुआ,जन्म  योग का तब हुआ।
एक में एक मिले तो बन जाए दरिया,
नदियों का योग हुआ तो सागर कहलाया।
आठ तत्व योग में समाए,  यम,नियम,आसन,प्राणायाम, प्रत्याहार,धारणा,ध्यान,समाधि।
चार तत्व स्थूल देह में आए,
अपना-अपना भेद बतलाए।
यम कहता झूठ-फरेब का त्याग करो।
चित्त उज्ज्वल  हो जाए,
नियम के बन्धन में बंधा ही स्वच्छता  का गहना पाए।
आसन हर रोज करे जो कोई,
निरोग देह उन सब की होई।
पान-अपान सम हो जाए,
तब प्राणायाम समझो भाई।
स्मृति को तीव्र करता,
इसकी महिमा है सुखदाई।
प्रत्याहार विषय-वासनाओं से परहेज कराता,
वैराग्य उर अन्दर समाता।
धारणा चित्त में धारण करो भाई,
दृढ़ भक्ति का वह अधिकारी,
खुद को जानने की अभिलाषा ही धारणा  कहलाती।
ध्येय वस्तु परिचय जान लिया,
प्रगट उर अन्दर,
प्रेम बढ़ा प्रतीति होई,सदगुरू शरण मैं आई।
मन-आत्मा का मिलन सम्पूर्ण योग कहलाता,
योगीजन धर ध्यान लगाता।
ज्ञानी जन ईश्वर स्वरूप,वेद पुराणों ने गाथा गाई।
जीते-जी मरकर जो जीना सीखे,
योग की यह अन्तिम कला समझो भाई।
भारतमाता विश्व की गुरू बने,योग अध्यात्म से करो यारी,
योग दिवस हर रोज मनाएं,
भावना हो सबकी।
निस्वार्थ हो जीवन जन-जन का।
योग सन्देश का डंका चहुंऒर बजाएं।
परिचय-सुशीला रोहिला का साहित्यिक उपनाम कवियित्री सुशीला रोहिला हैl इनकी जन्म तारीख ३ मार्च १९७० और जन्म स्थान चुलकाना ग्राम हैl वर्तमान में आपका निवास सोनीपत(हरियाणा)में है। यही स्थाई पता भी है। हरियाणा राज्य की श्रीमती रोहिला ने हिन्दी में स्नातकोत्तर सहित प्रभाकर हिन्दी,बी.ए., कम्प्यूटर कोर्स,हिन्दी-अंंग्रेजी टंकण की भी शिक्षा ली हैl कार्यक्षेत्र में आप निजी विद्यालय में अध्यापिका(हिन्दी)हैंl सामाजिक गतिविधि के तहत शिक्षा और समाज सुधार में योगदान करती हैंl आपकी लेखन विधा-कहानी तथा कविता हैl शिक्षा की बोली और स्वच्छता पर आपकी किताब की तैयारी चल रही हैl इधर कई पत्र-पत्रिका में रचनाओं का प्रकाशन हो चुका हैl विशेष उपलब्धि-अच्छी साहित्यकार तथा शिक्षक की पहचान मिलना है। सुशीला रोहिला की लेखनी का उद्देश्य-शिक्षा, राजनीति, विश्व को आतंकवाद तथा भ्रष्टाचार मुक्त करना है,साथ ही जनजागरण,नारी सम्मान,भ्रूण हत्या का निवारण,हिंदी को अंतर्राष्ट्रीय भाषा बनाना और भारत को विश्वगुरु बनाने में योगदान प्रदान करना है। लेखन में प्रेरणा पुंज-हिन्दी है l आपकी विशेषज्ञता-हिन्दी लेखन एवं वाचन में हैl

Hits: 116

आपकी प्रतिक्रिया दें.