राम की धरती

बोधन राम निषाद ‘राज’ 
कबीरधाम (छत्तीसगढ़)
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राम की इस धरती पर,
ये अत्याचार क्यों होता है ?
हर पल हर क्षण खून का,
यह व्यापार क्यों होता है ??

इतना बड़ा मुल्क है फिर,
आतंक होता रहता क्यों ?
२९ राज्यों का देश हमारा,
जुल्म सितम सहता क्यों ??
मासूमों का दिल धड़कता,
सहमे-सहमे से सोता है।
राम की इस धरती पर,
ये अत्याचार क्यों होता है ??

सेना को दो इतनी हिम्मत,
ये अहम् फैसला लेने का।
पुरजोर मुकाबला हेतु ही,
ये जवाबी हौंसला देने काll
आतंक के साए की भी,
सरेआम नीलामी होती है।
राम की इस धरती पर,
ये अत्याचार क्यों होता है ??

सबको भी जीने का हक़,
ये खून-खराबा झगड़ा क्यों ?
अपनी सरजमीं अपना फिर,
अमन-चैन का लफड़ा क्यों ??
हर नवजवां के सीने में,
बदले की आग दहकती हैll
राम की इस धरती पर,
ये अत्याचार क्यों होता है ??

बता दो देश के ग़द्दारों को,
भारत इतना कमजोर नहीं।
जो जंग में जान गँवाते हैं,
देशप्रेम का कोई छोर नहींll
शेरों को आँख दिखाएगा,
जो सबको आँख दिखाता है।
राम की इस धरती पर,
ये अत्याचार क्यों होता है ??

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