लफ्ज़

हेमलता पालीवाल ‘हेमा’
उदयपुर (राजस्थान )
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लफ्ज़  भी जायकेदार होते,
बड़े ही अदब से परोसे जाते हैं।
लफ्ज़ कभी मीठी चाशनी में,
डुबाकर,प्यार से खिलाए जाते हैं।
लफ़्जों को कभी चाटुकारिता का,
तड़का लगाकर,सजाया जाता है।
कभी-कभी लफ्ज़,नीम की तरह,
कड़वे, पर सच्चे होते हैं।
लफ़्जों का यह खेल ही निराला,
शतरंज के खेल की तरह
कब चाल बदल दे।
लफ़्जों के खिलाड़ी भी पहूँचे हुए,
कब-कहाँ,कौन-सा लफ्ज चलेगा
बड़े ही हूनर वाले होते हैं।
सच में यह लफ्ज़ कमाल के होते हैं॥
परिचय – हेमलता पालीवाल का साहित्यिक उपनाम – हेमा है। जन्म तिथि -२६ अप्रैल १९६९ तथा जन्म स्थान – उदयपुर है। आप वर्तमान में सेक्टर-१४, उदयपुर (राजस्थान ) में रहती हैं। आपने एम.ए.और बी.एड.की शिक्षा हासिल की है। कार्यक्षेत्र-अध्यापन का है। लेखन विधा-कविता तथा व्यंग्य है। आपकी लेखनी का उद्देश्य-  साहित्यिक व सामाजिक सेवा है। 

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