लाज

सपना सक्सेना 
ग्रेटर नोएडा(उत्तर प्रदेश)
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कितने लगाए परदे पहरे,
कितनी दी आवाज सखी…
जिस जिससे रही मैं छिपकर,
उसी ने लूटा आज सखी…
मैं लाज की मारी लाज सखी।

मेरे लिए ना रस्ते गलियां,
ना ही घर का आंगन है…
रिश्ते-नाते सब बेगाने,
बुरी नजर में बचपन है।

आंचल छूटा साया रूठा,
बिना पंख परवाज सखी…
मैं लाज की मारी लाज सखी।

कौन जन्म के कर्म हैं जाने,
जो मैं यह जीवन पाई…
दुष्टजनों के पापों की हर,
सजा मेरे हिस्से आई…।

लुटकर भी अपराधी हूँ मैं,
वाह ! दुनिया का अंदाज सखी…
मैं लाज की मारी लाज सखी॥

परिचय –सपना सक्सेना का साहित्यिक नाम ‘राशि’ है। आप ब्लॉग पर भी लिखती हैं। जन्म तारीख ३ जुलाई १९७६ एवं जन्म स्थान मुरादाबाद है। इनका निवास ग्रेटर नोएडा(उत्तर प्रदेश)में है। परास्नातक(अंग्रेज़ी) तथा एम.लिब.(प्रथम श्रेणी)तक शिक्षित राशि का कार्य क्षेत्र- शुद्धि पठन व अध्यापन है। वर्तमान में गृहिणी भी हैं। सपना जी की लेखन विधा-काव्य (गीत, कविता, छंद) है। रचनाओं का प्रकाशन विभिन्न समाचार पत्र व पत्रिका में होता रहा है। कई प्रतियोगिताओं में आप सम्मान पत्र प्राप्त कर चुकी हैं। लेखन का उद्देश्य-हिंदी के विकास में योगदान व लोगों तक अपनी बात पहुंचाना है। इनकी विशेषज्ञता-गीत सर्जन में है।

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