विश्वास का वादा 

दौलतराम प्रजापति ‘दौलत’
विदिशा( मध्यप्रदेश)
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दूँगा दूँगा सुनते-सुनते
पके कान,ढल गई जवानी।
रोज करे है,आनाकानी॥
वादों पर विश्वास का वादा।
नेक न इसका कोई इरादा॥
टाल-मटोल वही नित-नित की,
नित-नित वही कहानी॥
चमक रही नेताई सबकी।
पिस रही है जनता चक्की॥
बादल की मनुहार देखते,
सूखा है आंखों का पानी॥
जिनके नाम की माला जपते।
सालों साल महीने बीते॥
तौबा-तौबा सोच समझ लो,
फिर न हो नादानी॥
परिचय : दौलतराम प्रजापति का उपनाम  ‘दौलत’ तथा जन्म तारीख ४ मार्च १९७५ है। एम.ए.(हिन्दी साहित्य,राजनीति शास्त्र) तक शिक्षित श्री प्रजापति का निवास-लटेरी(जिला विदिशा,म. प्र.) में सिरोंज मार्ग पर है। आपकी लेखन विधा  -गीत,ग़ज़ल,कविता,लेख,लघुकथा और कहानी है। सम्प्रति से आप सहायक अध्यापक(शा.मा.शा.लटेरी)हैं। रचनाओं का प्रसारण आकाशवाणी भोपाल से हो चुका है,तो दैनिक पत्र-पत्रिकाओं में भी प्रकाशन स्थान मिला है। अनेक कवि सम्मेलन-मुशायरों में आपकी सहभागिता होती रही है। बात सम्मान की हो तो आपको सरस्वती प्रभा-२०१७ सम्मान मिला है। प्रकाशाधीन में एक ग़ज़ल संग्रह है। आपकी लेखनी का उद्देश्य हिन्दी को और प्रचारित करना है।

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