संध्या

सपना सक्सेना 
ग्रेटर नोएडा(उत्तर प्रदेश)
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आसमान में हल्के-हल्के
गहरे होते सांझ धुंधलके,
धूसर केशों को बिखराती
सुरमई  आंचल लहरातीl

लो आई वो संध्या सावरी,
मगन समीर,दिशा बावरीl

हीर कणों के अगनित झरने,
अंबर तल पर लगे उतरने
लगे सिमटने दल फूलों के,
प्राणहीन दंभ,रवि शूलों केl

आकुल अवनि की तपन हरने को,
प्यासे जन में अमृत भरने को
लिए कर कलशों में शीतलता,
प्रकृति ने है निशा का रूप धराll

परिचय –सपना सक्सेना का साहित्यिक नाम ‘राशि’ है। आप ब्लॉग पर भी लिखती हैं। जन्म तारीख ३ जुलाई १९७६ एवं जन्म स्थान मुरादाबाद है। इनका निवास ग्रेटर नोएडा(उत्तर प्रदेश)में है। परास्नातक(अंग्रेज़ी) तथा एम.लिब.(प्रथम श्रेणी)तक शिक्षित राशि का कार्य क्षेत्र- शुद्धि पठन व अध्यापन है। वर्तमान में गृहिणी भी हैं। सपना जी की लेखन विधा-काव्य (गीत, कविता, छंद) है। रचनाओं का प्रकाशन विभिन्न समाचार पत्र व पत्रिका में होता रहा है। कई प्रतियोगिताओं में आप सम्मान पत्र प्राप्त कर चुकी हैं। लेखन का उद्देश्य-हिंदी के विकास में योगदान व लोगों तक अपनी बात पहुंचाना है। इनकी विशेषज्ञता-गीत सर्जन में है।

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