सत्य-असत्य

बाबूलाल शर्मा
सिकंदरा(राजस्थान)
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सत्य सूर्य-सा अड़िग,सुन्दर है जग मर्त्य।
मिश्रित यह संसार है,मिलते सत्य असत्य॥

ईश्वर ने सृष्टि रची,मानव के सब कृत्य।
सृष्टा दृष्टा दुई भये,जग में सत्य असत्य॥

धरा सत्य का रूप है,लक्ष्मी जग में मिथ्य।
दोनों आवश्यक हुए,जानो सत्य-असत्य॥

सत पुरुषों के वचन ही,होते सच्चे कथ्य।
छुद्र मनुज संसार के,कहते सत्य असत्य॥

साँचा मालिक एक है,बाकी झूठे भृत्य।
ईश्वर मानव दो बने,सच में सत्य असत्य॥

दक्षिण पश्चिम की दिशा,कहते हैं नैऋत्य।
वास्तु शास्त्र से समझिए,सारे सत्य असत्य॥

ईश्वर प्राकृत देव हैं,तीनों सत्य अमर्त्य।
झूठ मोह संसार का,जोड़ा सत्य असत्य॥

प्राकृत के संसार में,मानव मत कर अत्य।
साँचे सविता जान ले,दुनिया सत्य असत्य॥

खान-पान में जानिए,भोजन पथ्य कुपथ्य।
जीवन के व्यवहार से,जानो सत्य असत्य॥

सविता,पृथ्वी,आसमाँ, इनसे सारे तथ्य।
वैज्ञानिक खोजा करें,इनके सत्य असत्य॥

जग में जिसकी रोशनी,सच्चा वह आदित्य।
दीपक तारे चंद्रमा,झिलमिल सत्य असत्य॥

भारत देश महान है,अनुपम है साहित्य।
वेद,ज्ञान विज्ञान से,परखे सत्य असत्य॥

सुख है मानव वांछना,दु:ख है जीवन सत्य।
सुख-दु:ख दोनों संग में,जैसे सत्य असत्य॥

सत्य सदा सम्राट है,झूठों के अधिपत्य।
संत-असंत संसार में,जैसे सत्य असत्य।।

करते रहो विवेचना,तभी रहे औचित्य।
शर्मा बाबूलाल भी,कहते सत्य असत्य॥

परिचय : बाबूलाल शर्मा का साहित्यिक उपनाम-बौहरा हैl आपकी जन्मतिथि-१ मई १९६९ तथा जन्म स्थान-सिकन्दरा (दौसा) हैl वर्तमान में सिकन्दरा में ही आपका आशियाना हैl राजस्थान राज्य के सिकन्दरा शहर से रिश्ता रखने वाले श्री शर्मा की शिक्षा-एम.ए. और बी.एड. हैl आपका कार्यक्षेत्र-अध्यापन(राजकीय सेवा) का हैl सामाजिक क्षेत्र में आप `बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ` अभियान एवं सामाजिक सुधार के लिए सक्रिय रहते हैंl लेखन विधा में कविता,कहानी तथा उपन्यास लिखते हैंl शिक्षा एवं साक्षरता के क्षेत्र में आपको पुरस्कृत किया गया हैl आपकी नजर में लेखन का उद्देश्य-विद्यार्थी-बेटियों के हितार्थ,हिन्दी सेवा एवं स्वान्तः सुखायः हैl

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