सत्य घटना पर फिल्मों का बढ़ता चलन

इदरीस खत्री
इंदौर(मध्यप्रदेश)
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दोस्तों,भारतीय फिल्मों को नया विषय मिल गया हैl ऐसी फिल्में न केवल आम लोगों तक उन लोगों की ज़िन्दगी की जद्दोजहद दिखाकर, उनकी लगन और मेहनत से जनता को न केवल प्रेरित करती है,बल्कि प्रेरणादायक भी होती है-बॉयोपिक यानी जीवन वृतान्त आधारित फिल्म या किसी पूर्व घटित घटना को फ़िल्म रूप दे दिया जाएl
वैसे भारत में यह चलन लगातार चल रहा है,परंतु अभी-अभी इसका खुमार बढ़ गया है,हालिया कामयाब फ़िल्म `संजू` से,जो संजय दत्त की ज़िंदगी पर आधारित हैl  यह न केवल कामयाब रही,बल्कि बॉक्स ऑफिस पर झंडे गाड़ रही हैl
भारत में `भाग मिल्खा भाग`,धोनी,अज़हर,सचिन,`दंगल`,`डर्टी पिक्चर्स`,`अलीगढ़`,`शाहिद`,`एक डॉक्टर की मौत`,`एयरलिफ्ट`, `पैडमैन`,`अटैक ऑफ २६/११`,`नो वन किल्ड जैसिका`,`चक दे`,`बॉर्डर`,`गुरू`,`फिराक`,`गुलाब गैंग`,`गैंग्स ऑफ वासेपुर`,`सत्याग्रह` जैसी कई फिल्मे इस तरह बन चुकी हैंl साथियों  फिल्मों में अब चलन बदल रहा हैl आइए,चंद फिल्मों को इस चर्चा में  शामिल करते हैंl
`दंगल` भारत की सबसे कामयाब फ़िल्म जो विश्वभर में २००० करोड़ से अधिक का कारोबार कर गई हैl फ़िल्म महावीर सिंह फोगाट और पहलवान पुत्री गीता,बबीता पर आधारित थीl फ़िल्म में एक पिता के सपने जिसे उसकी बेटियों द्वारा कुश्ती में स्वर्ण पदक प्राप्त कर पूरा किया जाता है,दिखाया गया थाl  
फ़िल्म ने सफलता का परचम न केवल भारत में विश्व स्तर पर भारतीय सिनेमा को अलग पहचान दी हैl 
`पैडमैन` अरुणाचल के मुरुगनाथम पर आधारित फिल्म जिसमें कैसे एक शख्स अपनी पत्नी के माहवारी के समय कपड़ों का इस्तेमाल करती है,तो वह अपनी पत्नी को संकम्रण से बचाने के लिए सेनेटरी पेड बनाता है,और विश्व ख्याति पाता है,पर आधारित फिल्म थी जो कि भारत में कामयाब रही थीl 
`चक दे` फिल्म कबीर खान भारतीय सितारे पर आरोप लगते हैं पाकिस्तान के खिलाफ मैच में देश से गद्दारी का,फिर वही कबीर खान देश की खस्ताहाल महिला हॉकी को कोचिंग देते हैं,और देश को विश्व विजेता बनवाकर अपने दाग को धो देते हैं,और खुद के राष्ट्र प्रेम को साबित करते हैंl यह फ़िल्म शानदार होकर सफल साबित हुई थीl 
`गुरू`,देश के सामान्य एक गुजराती व्यापारी कैसे देश का सबसे अमीर आदमी बन जाता है,उसी की गौरव गाथा फ़िल्म थी,में जो धीरूभाई अंबानी पर आधारित थीl  
`मेरीकॉम`,एक गरीब लड़की के बॉक्सिंग जज्बे और लगन से कैसे वह विश्व विजेता बनती है,पर फ़िल्म थी पर फ़िल्म बड़ी सफलता अर्जित नहीं कर पाई,लेकिन समीक्षकों को उस पर लिखने और तारीफ को मजबूर ज़रूर कर गई थीl 
`नो वन किल्ड जेसिका`,एक राजनीतिज्ञ का बेटा एक नवोदित मॉडल का गोली मारकर हत्या कर देता है,तो यह हत्या उसकी बहन,एक पत्रकार मिलकर उजागर करते हैं और अपराधियों को सज़ा दिलाते हैं यह घटना दिल्ली में हुई थी,फ़िल्म इसी पर आधारित थी जो बड़ी हिट तो नहीं हुई,लेकिन फ़िल्म पसन्द की गईl एक खास दर्शक वर्ग द्वारा
`बॉर्डर`,भारतीय सेना द्वारा कैसे पाकिस्तान को धूल चटाकर बॉर्डर से  पीछे धकेलते हुए पस्त किया था,उस पर आधारित बड़ी कामयाब फ़िल्म थीl यह एक सत्य घटना पर आधारित फिल्म थी,इसलिए पाकिस्तान ने वहां इसके प्रदर्शन पर रोक भी लगा दी थीl 
`ब्लेक फ्रायडे`,मुम्बई बम धमाकों पर आधारित फिल्म थी,जिसके प्रदर्शन से पहले लम्बी माथापच्ची हुई सेंसर बोर्ड भी विरोध में खड़ा हुआl लम्बी जद्दोजहद के बाद फ़िल्म जारी हुई,लेकिन फ़िल्म केवल समीक्षकों तक ही सीमित रही,बड़ी सफलता साबित नहीं हुई,जो एक बड़ी दस्तावेजी फ़िल्म साबित हुईl मुम्बई १९९३ बम विस्फोट पर,
शाहिद,एक सैन्य शिविर से मध्य से लौटने के बाद एक अपराधी वकील बनने चला जाता है,लोगों के प्रकरण लड़ने लगता हैl फिर उससे आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त होने का शक होने पर पूछताछ की जाती है,पर फ़िल्म न समीक्षकों को खुश कर पाई,न दर्शकों को,
`गुलाब गैंग`,रज्जो नामक एक महिला दलित उत्पीड़न के खिलाफ काम करती है,जब भ्रष्ट राजनीतिज्ञ के खिलाफ चुनाव लड़ती है और गाँव में गुलाबी साड़ी सांकेतिक रूप में स्थापित करके गुलाब गैंग स्थापित करने पर आधारित थीl यह फ़िल्म भी सच्ची घटना पर आधारित थीl  
फ़िल्म समीक्षकों के साथ दर्शकों को भी सिनेमाघरों तक लाने में कामयाब रही थीl इसके अलावा कुछ फिल्में और है-`गैंग्स ऑफ वासेपुर, फिराक,स्पेशल २६,भाग मिल्खा भाग,पानसिंह तोमर,रंग रसिया,शूट आउट एट वडाला,वन्स अपॉन इन मुम्बई,एयरलिफ्ट, तलवार और जेसिकाl`
दोस्तों,भविष्य में भारत में बॉयोपिक की भरमार आने को है जिसमें, बाला साहेब ठाकरे पर आधारित-ठाकरे,सहादत हसन मंटो साहित्यकार पर-मंटो दोनों में नवाज़ुद्दीन मुख्य भूमिका में होंगेl 
ख्यात शायर,गीतकार साहिर लुधियानवी पर `साहिर` में शाहरुख काम करते दिखेंगेl 
सायना नेहवाल बैडमिंटन विजेता पर भी बॉयोपिक बन रही है `नेहवाल`,जिसमें श्रृद्धा कपूर दिखेगीl 
तानाजी,तानाजी मानसुरे शिवाजी के घनिष्ट मित्र और सूबेदार थेl  उन्होंने शिवाजी के साथ कई युद्ध लड़े थेl २०१९ में फ़िल्म प्रदर्शित हो सकती हैl  
`बेटल ऑफ सारागढ़ी`-फ़िल्म चार अलग-अलग जगह बन रही है, जिसमें एक में अक्षय कुमाए मुख्य भूमिका में होंगेl `सुपर ३०,आनंद कुमार पर आधारित फिल्म में ऋतिक रोशन ने काम शुरू कर दिया हैl
`सूरमा`-यह फ़िल्म हॉकी के बादशाह सन्दीपसिंह पर आधारित हैl फ़िल्म में दिलजीत दोसांझ,तापसी पन्नू हैl 
`सेल्यूट`-भारत के चाँद पर पहुचने वाले पहले व्यक्ति राकेश शर्मा पर आधारित फिल्म होगी,जिसमें आमिर काम करने वाले थे लेकिन अब शाहरूख काम करेंगेl २०१९  में फ़िल्म फ्लौर पर आएगीl  
`करनजीत कौर`-सन्नी लियोनी की बॉयोपिक भी प्रदर्शन को तैयार हैl 
`राणा`-यह फिल्म सांसद और दस्यू सुंदरी फूलनदेवी के हत्यारे शेरसिंह राणा पर आधारित होगीl इस फ़िल्म पर अजय देवगन तैयारी में हैl  अजय जेल में राणा से मुलाक़ात कर आए हैंl राणा २००३ में तिहाड़ जेल तोड़कर भाग भी चुके हैंl 
परिचय इंदौर शहर के अभिनय जगत में १९९३ से सतत रंगकर्म में इदरीस खत्री सक्रिय हैं,इसलिए किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं। परिचय यही है कि,इन्होंने लगभग १३० नाटक और १००० से ज्यादा शो में काम किया है। देअविवि के नाट्य दल को बतौर निर्देशक ११ बार राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व नाट्य निर्देशक के रूप में देने के साथ ही लगभग ३५ कार्यशालाएं,१० लघु फिल्म और ३ हिन्दी फीचर फिल्म भी इनके खाते में है। आपने एलएलएम सहित एमबीए भी किया है। आप इसी शहर में ही रहकर अभिनय अकादमी संचालित करते हैं,जहाँ प्रशिक्षण देते हैं। करीब दस साल से एक नाट्य समूह में मुम्बई,गोवा और इंदौर में अभिनय अकादमी में लगातार अभिनय प्रशिक्षण दे रहे श्री खत्री धारावाहिकों और फिल्म लेखन में सतत कार्यरत हैं। फिलहाल श्री खत्री मुम्बई के एक प्रोडक्शन हाउस में अभिनय प्रशिक्षक हैंl आप टीवी धारावाहिकों तथा फ़िल्म लेखन में सक्रिय हैंl १९ लघु फिल्मों में अभिनय कर चुके श्री खत्री का निवास इसी शहर में हैl आप वर्तमान में एक दैनिक समाचार-पत्र एवं पोर्टल में फ़िल्म सम्पादक के रूप में कार्यरत हैंl 

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