सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का भागीरथीे प्रयास

राजेश पुरोहित
झालावाड़(राजस्थान)
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देश में `नि:शुल्क व अनिवार्य शिक्षा अधिनियम` से एक ओर राजकीय विद्यालयों में नामांकन बढ़ रहा है,दूसरी ओर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु प्रतिदिन नए-नए प्रयास किये जा रहे हैं। शिक्षा में हो रहे नित-नए आमूल-चूल परिवर्तन प्रायः देखने को मिल रहे हैं। विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर को सुधारने के लिए सरकार ने छोटी कक्षाओं को भी बोर्ड बनाया है। पांचवी बोर्ड परीक्षा,आठवी बोर्ड परीक्षा करवाई जा रही है,जिसका उद्देश्य है विद्यार्थी होनहार बनें। परिणाम उत्कृष्ट रखने के लिए अतिरिक्त कक्षा भी लगाई जा रही है।परीक्षाओं को लेने के तरीके में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब विद्यार्थियों का सतत एवं व्यापक मूल्यांकन होता है। प्रतिदिन साप्ताहिक मासिक परीक्षा से उसकी शैक्षिक व सहशैक्षिक प्रगति दर्ज कर अभिभावकों को बताना होता है। शिक्षा जगत में हो रहे बदलाव से आप हैरान न हों। शिक्षकों की बायोमेट्रिक हाजरी होने लगी है। समय पर विद्यालय न पहुंचने वाले शिक्षकों की अब खैर नहीं है। हर कालांश में मशीनी हाजरी की सरकार ने व्यवस्था कर दी है।
विद्यालयों में बिजली,पानी,भवन की पुख्ता व्यवस्था होने के साथ ही कम्प्यूटर कक्ष,खेल मैदान आदि सभी व्यवस्था की जा रही है। प्रत्येक राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय को इंटरनेट से जोड़ा गया है,ताकि सूचना का आदान-प्रदान शीघ्रता से किया जा सके।
प्रत्येक पंचायत में एक उच्च प्राथमिक विद्यालय को उत्कृष्ट विद्यालय घोषित किया गया है,जिसमें सारी सुविधाएं की जाने लगी हैं। सरकार ने नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक वितरण की योजना, मध्यान्ह भोजन योजना राजकीय विद्यालयों में करके नामांकन में वृद्धि कर ली है। नि:शुल्क सायकिल योजना,लेपटॉप वितरण योजना,टेबलेट वितरण योजना,गार्गी पुरस्कार योजना,इंस्पायर अवार्ड योजना, छात्रवृति सीधे ऑनलाइन विद्यार्थियों के बैंक खाते में जमा करने जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं से भी नामांकन बढ़ाया है।
अभिभावकों,जनप्रतिनिधियों,भामाशाहों,विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष व सदस्यों पंचायत के सरपंच-सचिव आदि के साथ ही ग्रामीणों से राजकीय विद्यालयों में चल रही योजनाओं के प्रचार-प्रसार की बातें जन-जन तक पहुंचाने का काम किया जा रहा है। शिक्षक घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क कर रहे हैं,साथ ही विद्यार्थी की शैक्षिक प्रगति भी उनको बताते हैं। आज सरकारी विद्यालयों ने परीक्षा परिणाम बेहतर करने हेतु रात-दिन मेहनत की है,तो विद्यार्थियों का शैक्षिक स्तर सुधरा है। न कोई मासिक शुल्क देने का तनाव,न कोई बेकार का दिखावा,ये है राजकीय विद्यालयों में पढ़ाने का फायदा। ऐसे सरकारी विद्यालयों में प्रवेश लेकर सरकारी योजनाओं का लाभ लिया जा सकता है। उच्च शिक्षा प्राप्त शिक्षकों (विषय विशेषज्ञ) के सानिध्य का लाभ भी छात्र-छात्रा यहाँ उठा सकते हैं। विद्यालय की योजनाओं से जुड़ने से भामाशाहों का विशेष सम्मान जहाँ होता है,तो हर अभिभावक का भी सम्मान होता है। जहाँ से प्रतिभाएं निकलती है,आज के समय में वह आपके-अपने गाँव-शहर का राजकीय विद्यालय है। अब तो सभी राजकीय विद्यालयों में कक्षा १ से ८ तक के विद्यार्थियों हेतु अन्नपूर्णा दुग्ध योजना में भी स्वागत है। शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम के साथ ही योग प्राणायाम आसन खेलकूद सभी तरह की गतिविधियों से जुड़ने का यह शानदार अवसर है। डिजिटल कक्षा,खुला हवादार रोशनी से भरपूर विद्यालय भवन,सुसज्जित कक्षा भी इन शालाओं में हैl इतना ही नहीं,राजकीय विद्यालय के पुस्तकालय में सभी विषयों की पुस्तकें भी पढ़ने का अवसर हैl स्काउट गाइड,एनसीसी आदि में भाग लेकर छात्रों को देशसेवा के गुण सीखने को मिलेंगे। इन शालाओं में
बालसभा,प्रार्थना सभा,बाल संसद का प्रभावी व सुंदर कार्यक्रम, प्रतियोगिता करना व विजेताओं को पुरस्कृत भी किया जाता है। साथ ही जिला-राज्य-राष्ट्र स्तर की कई प्रतियोगिता में भाग लेने के अवसर हैं तो शिक्षण सहायक सामग्री से प्रतिदिन हर विषय का शिक्षण भी है। प्रत्येक विद्यार्थी की पूरी कुंडली बनती है,जिसमें अभिभावक हस्ताक्षर करते हैं,शिक्षक टिप्पणी लिखते हैं। कहना उचित होगा कि,वर्तमान में शिक्षा में नवाचार कर राजकीय विद्यालयों का वर्तमान शैक्षिक स्तर अव्वल बन गया है।
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भवानीमंडी जिला झालावाड़ राजस्थान

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