हिंदी का अपमान और कांग्रेस की चुप्पी…शर्मनाक

अजय जैन ‘विकल्प
इंदौर(मध्यप्रदेश)
*******************************************************************

हिंदी भाषा के प्रति शशि थरूर के विवादित बयान को लेकर कांग्रेस ने अभी तक खंडन नहीं किया है,इससे शायद यह कहना गलत नहीं होगा कि यह कांग्रेस की ही सुनियोजित साजिश है। बात केवल इतनी नहीं है कि शशि थरूर ने ऐसा क्यों कहा,इसके पीछे कोई गहरी चाल समझ में  आती है। क्या शशि थरूर ख़ुद इतने पढ़े-लिखे होने के बावजूद यह बात नहीं जानते कि हिंदी भाषा ना किसी को तोड़ती है,ना ही इसने कभी तोड़ने का काम किया है। यह तो वह भाषा है जो एक व्यक्ति ही नहीं,बल्कि वस्तुओं और मूक पशुओं तक को आपस में जोड़ती है। शशि थरूर का यह कहना कि यह भाषा यानी हिंदी,हिन्दू और हिंदुत्व देश को तोड़ रहा है,बेहद निम्न स्तर की सोच का परिचायक है। मुझे तो आश्चर्य इस बात पर भी है कि जो व्यक्ति केन्द्रीय मंत्रालय में मंत्री रहा हो,वह इतने निम्न स्तर की राजनीति कर रहा है। और इस पर कांग्रेस तो ठीक,लेकिन सत्ताधारी प्रदेश-केन्द्रीय नेतृत्व में से भी किसी ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दर्शाई है। इस मामले में सभी राज्यों की चुप्पी भी संदेहजनक है। विशेष रूप से जो हिंदी भाषी राज्य हैं,या क्षेत्रीय दल हैं,उनको तो हिंदी के मान के लिए इस बात की मांग करनी चाहिए कि शशि थरूर अपने इस घटिया बयान पर माफी मांगें,वरना भविष्य में भी हिंदी जैसी भारतीय मातृभाषा को लेकर कोई भी नेता ऐसे विवाद को जन्म देता रहेगा। ऐसा लगता है कि मंत्रालय छोड़ देने से और कांग्रेस के बड़े नेताओं द्वारा श्री थरूर से किनारा कर लिया जाने की स्थिति में कोई नियंत्रण नहीं रहा है,इसी मानसिकता की हल्कटता के चलते यह खुद को चर्चा में लाने के लिए या फिर कांग्रेस की नाव पार लगाने के लिए उल्टे बयान देकर वैमनस्य फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।  जरा सोचिए जो कांग्रेस या उसकी पुरानी नेता सोनिया गांधी और वर्तमान अध्यक्ष राहुल गांधी खुद विदेशी भाषा में पढ़े-लिखे होने के बावजूद हिंदी बोलकर देश में राजनीति करते हों,वहां भला कोई अंग्रेजी भाषा के पक्ष में या हिंदीभाषा के विरोध में ऐसी घटिया बात कैसे कह रहा है ? कांग्रेस संगठन को चाहिए कि शशि थरूर के खिलाफ इस मामले में कड़ी कार्रवाई करें।

Hits: 5

आपकी प्रतिक्रिया दें.