हिंदी बनी आबू धाबी की तीसरी मान्यता प्राप्त भाषा

डॉ.राजेश्वर उनियाल
मुंबई(महाराष्ट्र)

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‘सोच रही है पूरी दुनिया,पूछ रहा है पूरा देश,
भारत में कब मिलेगा राजभाषा हिंदी को,
सर्वोच्च न्यायालय में प्रवेश।’ 

बंधुओं,अभी तक आबू धाबी की अदालतों में केवल अरबी एवं अंग्रेजी भाषा को ही मान्यता प्राप्त थी,लेकिन हम समस्त भारतवासियों के लिए यह गौरव की बात है कि अब आबू धाबी की सरकार ने हिंदी को भी तीसरी भाषा के रूप में मान्यता दे दी है ।
भारतीय संविधान के अनुसार हिन्दी भारत संघ के साथ ही उत्तर प्रदेश, बिहार,मध्यप्रदेश,राजस्थान,हरियाणा, हिमाचल प्रदेश,छत्तीसगढ़,झारखण्ड व उत्तराखण्ड राज्य तथा दिल्ली व संघ शासित क्षेत्र अंडमान निकोबार की भी राजभाषा है। इसी के साथ महाराष्ट्र, गुजरात व पंजाब राज्य व संघ शासित क्षेत्रों चंडीगढ़,दादरा नगर हवेली व दमन द्वीप में शासकीय कार्यों हेतु हिन्‍दी मान्य राजभाषा है। भारत के साथ ही सूरीनाम,फिजी,त्रिनीडाड, गुयाना,मारीशस,थाइलैंड व सिंगापुर इन सात देशों में भी हिन्दी वहां की राजभाषा या सह राजभाषा के रूप में मान्यता प्राप्त है और अब आबू धाबी को मिलाकर हिन्दी भारत के अतिरिक्त ८ देशों की मान्यता प्राप्त भाषा बन गई है। इसी के साथ विश्व के ४४ ऐसे राष्ट्र हैं जहां की १० प्रतिशत या उससे अधिक जनता हिंदी को बोलते एवं समझते हैं।
(सौजन्य:वैश्विक हिंदी सम्मेलन,मुम्बई)

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