हिन्दी मेरी शान

राकेश श्रीवास्तव`राकेश नमित`
फरीदाबाद(हरियाणा)
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हमारी आन है हिंदी,
हमारी शान है हिंदीl
इसे दिल में बसाया है,
हमारी जान है हिंदीlजो कहना चाहते हो,
बड़ा सरल है कहनाl
इसे जीवन में अपना लो,
मधुर जुबान है हिंदीll

परिचय-राकेश श्रीवास्तव का साहित्यिक उपनाम `राकेश नमित` हैl आपकी जन्मतिथि २६ अक्तूबर १९५५ और जन्म स्थान इलाहाबाद हैl वर्तमान में हरियाणा राज्य के ग्रेटर फरीदाबाद स्थित बीपीटीपी(सेक्टर ८२) में रहते हैं,और स्थाई पता भी यही हैl एम.ए.(प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति) सहित एलएलबी,डीबीए और पीजी डिप्लोमा(विपणन और विक्रय)आपकी शिक्षा हैl  कार्यक्षेत्र में स्वतंत्र रूप से विपणन का कार्य करते हैंl सामाजिक गतिविधि के अंतर्गत रक्तदाता होने के साथ ही एक साहित्यिक मंच के उपाध्यक्ष और एक क्लब के पूर्व क्षेत्रीय प्रबंधक हैंl राकेश जी की लेखन विधा-गीत,ग़ज़ल,दोहा के अतिरिक्त हाईकू भी हैl प्रकाशन में संयुक्त संग्रह कई हैं,पर एकल नहीं हैl आपकी रचनाएं अनेक पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी हैं। श्री श्रीवास्तव की लेखनी का उद्देश्य-बस स्वतंत्र रूप से हिन्दी साहित्य की सेवा करना है।

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