हॉट स्पॉट…एक प्रेम कहानी

दीपेश पालीवाल ‘गूगल’ 
उदयपुर (राजस्थान)
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‘हॉट स्पॉट’ सबके लिए इंटरनेट शेयर करने का एक जरिया है,लेकिन मेरे लिए दोस्ती बढ़ाने का एक बेहतरीन तरीका है। मेरा स्पष्ट सिद्धान्त है कि किसी भी  अनजान व्यक्ति से मित्रता करनी हो तो उससे हॉट स्पॉट मांग लो। ये उसके लिए थोड़ा अजीब होगा,लेकिन वो दे देते हैं,और धीरे-धीरे दोस्ती हो ही जाती है।
उन दिनों में बी.ए. कर रहा था। निशा मेरे महाविद्यालय की भोली-भाली,सीधी-सादी और सबसे खूबसूरत लड़की थी। इतिहास की कक्षा में,मैं उसे अक्सर चुपके-चुपके देखा करता। उसके बारे में सब पता कर लिया था,कहां रहती है क्या करती है आदि-आदि..सब कुछ,लेकिन कभी हॉट स्पॉट नहीं मांग पाया। खैर,मैं कवि और गायक था,तो महाविद्यालय में अच्छा खासा लोकप्रिय भी था।
शुरुआती दौर में हमारे बीच कभी कोई बात नहीं हो पाई। वो और मैं जब भी किसी रास्ते पर आमने-सामने से गुज़रते तो वो हल्का-सा मुस्कुराकर आगे निकल जाती,और मैं कमबख्त उसकी यादों में खो जाता,लेकिन अब तक मैं हॉट स्पॉट नहीं मांग पाया। एक बात और कि वो शर्मीली बहुत थी,इसीलिए अक्सर चुपचाप-सी रहा करती थी।
एक दिन महाविद्यालय का इंटरवेल हुआ तो मुझे लगा कुछ भी हो,आज तो हॉट स्पॉट मांगकर ही रहूंगा। इंटरवेल में धीरे से उसके सामने गया तो मानो वक्त रुक-सा गया हो धड़कनें तेज़ होने लगी। मैंने धीरे से दबे स्वर में उससे कहा-क्या आपके पास हॉट स्पॉट है ? वो वैसे तो बहुत शर्माती है,लेकिन उस दिन उसने मेरा फ़ोन लिया और उसमें अपना नम्बर सेव करके फ़ोन वापस मुझे पकड़ा दिया।
अब तो मेरी खुशियों का मानो ठिकाना न था,मैं आसमान में उड़ रहा था। मैं घर पहुँचा। रात हुई तो मैंने उसको संदेश भेजा..निशा मैं दीपू…तुरंत उसका फोन आया-हैलो दीपेश,आपने मुझसे हॉट स्पॉट मांगा था,मैंने आपको नम्बर दे दिया,सॉरी…।
यहां मानो मेरा दिल टूट-सा गया हो। बार-बार एक ही प्रश्न-कोई अपना नम्बर गलती से दे कैसे सकता है! दिल यह मानने को तैयार न था। मैंने सोचा,कल उससे एक बार फिर हॉट स्पॉट मांगा जाए।
अगले दिन वापस इंटरवेल में उससे हॉट स्पॉट मांगा,और उसने दिया भी। कक्षा में हम दोनों ही थे,तो शरमाते हुए हमारी छोटी-सी बात हुई,मानों बातों का सिलसिला ही शुरू हो गया हो।
अब में उससे रोज़ हॉट स्पॉट मांगने लगा। ५ अगस्त को ‘मित्रता दिवस’ आया तो उसका एक संदेश आया-“सुनिए दीपेश,हैप्पी फ्रेंडशिप डे।” यह पढ़ते ही मेरी खुशियों का ठिकाना न रहा। उसका अच्छा सा उत्तर भेजते हुए मेरी उस से रोज़ बातचीत होने लगी । यह देखते ही देखते फोन पर बातचीत में बदल गई। हम रात-रातभर बातें करते रहे। आखिर ३ सितम्बर का वो दिन आया,जब मैंने उससे इजहार किया-‘सुनो निशा,आई लव यू।’ वो कुछ नहीं बोली, मुस्कुराते हुए चली गई। लगभग १० मिनिट बाद मेरे पास आई और बोली-“दीपू आई लव यू टू।” अब मैं सातवें आसमान पर था। हम रोज़ बातें करने लगे और कभी कभी मिलने भी लगे। मिलने का सिलसिला बढ़ा तो प्यार और गहरा होता गया।
अब २४ मई मेरे महाविद्यालय  का अंतिम दिन..उसने कहा-“दीपेश मैं जा रही हूँ,हमारा मिलना अब लगभग मुश्किल होगा।” मेरे पांव तले से मानो जमीन खिसक गई। मैं उदास हो गया। निशा मेरे पास आई और धीरे से मेरे कान में बोली-“दीपू मुझे किस करो।” उससे बिछड़ने और दूर रहने के गम में मैं हिम्मत नहीं जुटा पाया और मेरी आँखों से आंसू आ गए। वो मुझे चुप करवाते हुए वहां से चली गई। माँ कसम उसके बाद आज तक किसी से हॉट स्पॉट मांगने की हिम्मत न हुई।
अब वो जा चुकी थी,फिर भी हमारी बात होती रही। हमारे शहरों के बीच लगभग ६०० किलोमीटर का फासला था तो मिलना बिल्कुल बन्द-सा हो गया। अब मैं दिल्ली जा चुका था। आईपीएस की  तैयारी के लिए वहां पढ़ाई और दूसरी समस्या के चलते हमारी बात बहुत कम होने लगी। कभी- कभी १५ दिन तक गुजर जाते। एक दिन उसका फ़ोन आया-दीपेश मुझसे मिलने जयपुर आओ। मैंने समस्या बताते हुए उसे मना किया,लेकिन फिर उसने रोते हुए कहा-मुझे ब्लड कैंसर है,मैं वेंटिलेटर पर हूँ। दीपेश प्लीज,आ जाओ…। मेरी आँखों से आंसू रुक नहीं रहे थे। मैंने तुंरत ट्रेन से आरक्षण करवाया और जयपुर के लिए रवाना हुआ।
रेलवे स्टेशन से दौड़ते-भागते एसएमएस अस्पताल पहुँचा। वहां जाकर पता किया तो मालूम पड़ा कि निशा नहीं रही..मानो मेरे पांव के नीचे से जमीन और सिर से आसमान गायब हो चुका था। लगा,घड़ी की सुईयाँ रुक-सी गई हों।
मैं बस उससे माफी मांगना चाहता था कि,उसे समय नहीं दे पाया…माफी मांगना चाहता था,मैं उससे बात नहीं कर पाया…मैं माफी मांगना चाहता था कि महाविद्यालय के उस आखिरी समय में उसे किस नहीं कर पाया…माफ़ी चाहता था कि,उससे आखिरी बार ‘हॉट स्पॉट’ नहीं मांग पाया।
हाँ,मैं माफी मांगना चाहता था कि उसके आखिरी वक्त में उसके साथ न था। सुनो निशा,आज अगर तुम कहीं भी हो और मुझे सुन रही हो तो अपने दीपू को माफ कर दो यार…।
इस हादसे से २ साल अवसाद में रहने के बाद लोगों के समझाने पर आज फिर से खुश रहना सीख रहा हूँ। उसकी कमी तो हर वक्त रहेगी,लेकिन फिर किसी से हॉट स्पॉट मांगने को दिल कर रहा है..’क्या आपके पास हॉट स्पॉट है…?’

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