राजनीति

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मोदी हटाओ अभियान तेज-जागरुक रहे समाज  

राकेश सैन जालंधर(पंजाब) ***************************************************************** देश में मोदी हटाओ अभियान तेज हो गया है। वैसे तो यह लोकतांत्रिक रीति-रिवाज...

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खट्टर सरकार का मानसिक आर्थिक दिवालियापन !

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) *****************************************************              हरियाणा सरकार हमेशा विवाद ग्रस्त रहती है। कहावत...

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संघ समारोह में मुखर्जी,रामकथा कही राम के आगे

राकेश सैन जालंधर(पंजाब) ***************************************************************** पूर्व राष्ट्रपति ने बहुप्रतीक्षित भाषण में कहा कि,भारत की आत्मा बहुलतावाद व उदारता में...

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किसान आंदोलन या राजनीति की खेती

राकेश सैन जालंधर(पंजाब) ***************************************************************** रामधारीसिंह दिनकर की `किसान` शीर्षक की कविता का किसान आज के गांव बंद आंदोलन...

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केन्द्र और राज्य सरकारों की जमीनी हक़ीक़त

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** दादाजी मृत्यु शय्या पर थे,उन्होंने अपने बेटे से कहा-मुझे नाती को देखना हैl लड़के...

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किसान आंदोलन और बदलते राजनीतिक समीकरण

प्रो.स्वप्निल व्यास इंदौर(मध्यप्रदेश) **************************************************** हमारी राजनीतिक व्यवस्था इतनी विचित्र है और इस तरह स्वार्थ से परिपूर्ण है कि जब...

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आरक्षण वरदान बनाम अभिशाप

शम्भूप्रसाद भट्ट `स्नेहिल’ पौड़ी(उत्तराखंड) ************************************************************** देश तथा प्रदेश में निर्वाचन के उपरांत सबसे अधिक निर्वाचित सदस्य संख्या वाला...

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आकंड़ेबाज़ी अच्छी,पर धरातल पर स्थिति सुखद नहीं

डॉ.अरविन्द जैन भोपाल(मध्यप्रदेश) ***************************************************** (सरकार की चौथी वर्षगाँठ पर विशेष ) हमारे देश में उन्नीसवीं शताब्दी में एक...

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पश्चिमी बंगाल:शेरनी के पंजे में फंसा लोकतंत्र

राकेश सैन जालंधर(पंजाब) ******************************************************************* जुझारु राजनीति,संघर्षशील व सादे जीवन के चलते पश्चिमी बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बेनर्जी को...

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नेता का काम `जनादेश` की गुहार लगाना…न कि लोकतंत्र की `बोली` लगाना

प्रो.स्वप्निल व्यास इंदौर(मध्यप्रदेश) **************************************************** लोकतंत्र की शक्ति को स्वीकार कर के जनतंत्र को सर्वोपरि माना जाता है,परंतु आज...